Home छत्तीसगढ़ जिला चिकित्सालय में 07 मरीजों का सफलतापूर्वक हुआ लेंस प्रत्यारोपण

जिला चिकित्सालय में 07 मरीजों का सफलतापूर्वक हुआ लेंस प्रत्यारोपण

84
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024

डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना से मरीजों को मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा 

सूरजपुर/10 जुलाई 2021कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह के निर्देशन पर राष्ट्रीय दृष्टिहीनता और दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय सूरजपुर में मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरू हो गया है। कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का कड़ाई से पालन करते हुए मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। साथ ही ऑपरेशन से पूर्व मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का कोरोना एंटीजन टेस्ट भी कराया जा रहा है। जिला चिकित्सालय में पंजीकृत 07 रोगियों का ऑपरेशन सीएमएचओ डाॅ. आर.एस. सिंह के मार्गदर्शन में नेत्र सर्जन डाॅ. तेरस कंवर, डाॅ. प्रवदा चतुर्वेदी के नेतृत्व और नेत्र सहायक अधिकारी मुकेश राजवाड़े, मारूति नंदन चक्रधारी एवं ओटी सिस्टर रामेश्वरी, अंजीता खलखो के सहयोग से संपन्न हुआ। जिला अंधत्व नियंत्रण समिति सूरजपुर के नोडल डाॅ. तेरस कंवर ने बताया जिला चिकित्सालय में 7 हितग्राहियों का ऑपरेशन कर लेंस प्रत्यारोपण किया गया है। निःशुल्क पंजीयन करा चुके हितग्राहियों को डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल रहा है। ऑपरेशन के बाद मरीजों का रहने, खाने एवं दवाई का खर्च डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया जा रहा है। मरीजों को सिर्फ अपने साथ राशन कार्ड व आधार कार्ड लाना आवश्यक है। सीएमएचओ डाॅ. आर एस सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला चिकित्सालय में सुविधाजनक ओटी खुलने के बाद से निर्धारित समयावधि में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए ऑपरेशन किये जा रहे हैं। मरीजों को डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना से निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। इस योजना के तहत अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अन्य राशन कार्ड धारको को प्रति वर्ष 50,000 रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जायेगा। मोतियाबिंद विश्व भर में दृष्टिहीनता का प्रमुख कारण है। 60 से अधिक आयु वालों में 40 प्रतिशत लोगों में मोतियाबिंद विकसित होता है। ऑपरेशन ही इसका एकमात्र इलाज है, जो सुरक्षित एवं आसान प्रक्रिया है। आंखों के लेंस आँख से विभिन्न दूरियों की वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। समय के साथ लेंस अपनी पारदर्शिता खो देता है, लेंस के धुंधलेपन को मोतियाबिंद कहा जाता है। प्रतिदिन सुबह उठकर व रात को सोते समय आंख व आंख के चारों ओर की त्वचा को साफ पानी से धोएं।