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हस्तशिल्पकारों को बढ़ावा देने किए जा रहें हर संभव प्रयास: श्री चंदन कश्यप

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छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप ने आज  हाट परिसर, पंडरी में आयोजित दस दिवसीय हस्तशिल्प एवं हाथकरघा वस्त्रों की ‘‘दीपावली महोत्सव’’ का प्रदर्शनी-सह-विक्रय का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों, हस्तशिल्पकारों और बुनकरों को बधाई देते हुए कहा कि हस्तशिल्पकारों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के निर्देशानुसार हस्तशिल्पकारों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने लगातार इस प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 12 से 21 अक्टूबर तक चलने वाली इस दस दिवसीय ‘‘दीपावली महोत्सव’’ राजधानीवासियों को लुभा रही है। त्यौहार के इस सीजन में यहां पर लोग जमकर खरीददारी के लिए आ रहे हैं। यहां पर छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध शिल्पकला, हाथकरघा वस्त्र और साज-सज्जा की सामग्रियां का अनुपम संग्रह प्रदर्शन-सह-विक्रय के लिए उपलब्ध है। इस दस दिवसीय ‘‘दीपावली महोत्सव में हस्तशिल्पकारों और बुनकरों के उत्पादों को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ हाट परिसर में लगी प्रदर्शनी के पहले दिन से ही लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस महोत्सव में 75 से भी अधिक स्टॉल लगाएं गए हैं। इसमें छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध हस्तशिल्प ढोकरा शिल्प, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, बांस शिल्प, कालीन शिल्प, शीसल शिल्प, गोदना शिल्प, तुमा शिल्प, टेराकोटा शिल्प और छोद कांसा के शिल्पकला एवं हाथकरघा वस्त्रों में कोसे की साड़ियां, दुपट्टा, सलवार सूट, ड्रेस मटेरियल, बेडशीट एवं विभिन्न प्रकार की रेडीमेड वस्त्र, माटी शिल्प, खादी बोर्ड और बिलासा के स्टाल शामिल हैं। लोगों को दस दिवसीय हस्तशिल्प एवं हाथकरघा प्रदर्शनी में ग्राहकों को उनकी पसंद के अनुरूप गृह-उपयोगी एवं साज-सजावट की सामग्री उचित दामों पर उपलब्ध है। ‘‘दीपावली महोत्सव’’ आम लोगों के लिए प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुली रहेगी। इस अवसर पर माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालम चक्रधारी, संचालक ग्रामोद्योग श्री अरूण प्रसाद पी., अपर संचालक हाथकरघा श्री बी.पी. मनहर, हस्तशिल्प बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री एस.एल. धुर्वे सहित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।