Home व्यापार कंपनी का शेयर करीब 7 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ हुआ लिस्ट,...

कंपनी का शेयर करीब 7 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ हुआ लिस्ट, निवेशकों से मिला था ठंडा रिस्पॉन्स….

99
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

HMA Agro IPO फ्रोजन मीट एक्सपोटर कंपनी एचएमए एग्रो के शेयर की लिस्टिंग मंगलवार को सकारात्मक हुई है। कंपनी का शेयर करीब 7 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ है। अपने इशू प्राइस 585 के मुकाबले बीएसई पर शेयर 5.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 615 रुपये प्रति शेयर और एनएसई पर शेयर 6.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 625 रुपये पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग के बाद बीएसई पर शेयर का भाव 14.60 प्रतिशत बढ़कर 670.45 रुपये हो गया। कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 3113.54 करोड़ रुपये है।

IPO के रिटेल निवेशकों से मिला था ठंडा रिस्पॉन्स

आईपीओ करीब 1.62 गुना सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ से इंस्टीट्यूशनल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों से ही समर्थन मिला है। रिटेल निवेशकों के लिए निर्धारित कट पूरा नहीं भरा था। यह केवल 96 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हुआ था। क्ववालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) और हाई नेटवर्थ लोगों के लिए निर्धारित कोट 1.74 गुना और 2.97 गुना भरा था।

कैसी हो सकती है लिस्टिंग?

HMA Agro IPO को लेकर बाजार में कोई उत्साह नहीं दिखा। इसका असर शेयर की लिस्टिंग पर भी दिख सकता है। पिछले आईपीओ के लिस्टिंग के अनुभवों को देखा जाए तो जिन आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था। उनकी लिस्टिंग आईपीओ के प्राइस बैंड या डिस्काउंट के साथ हुई है। इस का प्राइस बैंड 555 रुपये से लेकर 585 रुपये प्रति शेयर था।

HMA Agro का कारोबार

एचएमए एग्रो देश की सबसे बड़ी फ्रोजन भैंस के मांस की निर्यातक कंपनी है। भारत की ओर से निर्यात किए जाने वाले कुल फ्रोजन भैंस के मांस में से 10 प्रतिशत एचएमए एग्रो द्वारा ही किया जाता है। कंपनी दुनिया के करीब 40 देशों में अपने प्रोडक्ट का निर्यात करती है। कंपनी के पास हरियाणा, उन्नाव, जयपुर और मानेसर में प्लांट हैं। कंपनी की आय का 95 प्रतिशत हिस्सा फ्रोजन भैंस के प्रोडक्ट्स की ब्रिकी से ही आता है। इसके बाद बाकी का 2 प्रतिशत फ्रोजन फिश और बासमती चावल से आता है। वित्त वर्ष में कंपनी पर 340 करोड़ का कर्ज था। वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी का मुनाफा 117.60 करोड़ रहा था।