Home राजनीति WHO जल्द करेगा भारत के पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक युग की शुरुआत...

WHO जल्द करेगा भारत के पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक युग की शुरुआत :सर्वानंद सोनोवाल

123
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

पारंपरिक चिकित्सा पर हुए पहले वैश्विक शिखर सम्मेलन को लेकर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि सम्मेलन का मुख्य परिणाम ‘गुजरात घोषणा’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)जल्द जारी करेगा। आयुष मंत्री ने कहा कि गुजरात घोषणा में नवाचार से लेकर डाटा संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक शामिल हैं, जिसे जल्द ही विश्व स्तर पर डब्ल्यूएचओ जारी करेगा।

सोमवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में 2014 से अब तक आयुष चिकित्सा को लेकर न सिर्फ देश बल्कि विश्व स्तर पर भारत ने काफी सफलता हासिल की हैं। गुजरात में हुए शिखर सम्मेलन के दौरान पांच देश नेपाल, क्यूबा, मलेशिया, वेनेजुएला और कतर के साथ बातचीत हुई है। इन देशों से आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी सहित आयुष चिकित्सा के वैज्ञानिक प्रभावों को साझा किया है। साथ ही कहा है कि यह देश अपने मरीजों को आयुष चिकित्सा का लाभ लेने के लिए भारत भेज सकते हैं।

डॉक्टरों के विरोध के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने दो सप्ताह पहले जारी अधिनियम पर फिर से विचार करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान आईएमए ने कहा कि एनएमसी ने देश में पंजीकृत डॉक्टरों के लिए जो अधिनियम जारी किए हैं वे जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो सकते हैं। डॉक्टरों से किसी भी सम्मेलन या कान्फ्रेंस में भाग नहीं लेने के लिए कहा गया है, जबकि दूसरी ओर सरकार चिकित्सा उपकरणों को बढ़ावा देना चाहती है।