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सेब पर सियासत ! प्रियंका वाड्रा के आरोप पर केंद्र सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

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शिमला: केंद्र सरकार ने अमेरिकी सेब, अखरोट और बादाम पर अतिरिक्त शुल्क हटाने पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस फैसले से घरेलू सेब, अखरोट और बादाम उत्पादकों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि, ‘अमेरिकी सेब और अखरोट पर 50 प्रतिशत और 100 प्रतिशत का MFN (मोस्ट फेवर्ड नेशन) शुल्क लागू रहेगा, क्योंकि केवल 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क हटाया गया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी बादाम पर MFN दर 100 रुपये प्रति किलोग्राम लागू रहेगी, क्योंकि केवल अतिरिक्त MFN दर 20 रुपये प्रति किलोग्राम हटा दी गई है।

केंद्र सरकार का यह स्पष्टीकरण उस समय आया है, जब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर अमेरिकी सेब पर अतिरिक्त आयात शुल्क हटाने के बाद, देश के सेब किसानों के बजाय अमेरिका में सेब उत्पादकों की मदद करने का आरोप लगाया था। बाढ़ से हुई तबाही की समीक्षा करने के लिए हिमाचल प्रदेश में मौजूद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया को बताया कि अमेरिका से आने वाले सेब पर टैरिफ कटौती के केंद्र सरकार के कदम से राज्य के किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने पुछा कि, ‘इससे आयात (अमेरिकी सेब का) आसान हो जाएगा और वे आसानी से बेचे जाएंगे। शिमला में सेब की खरीद की कीमतें बड़े उद्योगपतियों द्वारा कम कर दी गई हैं। जब सेब उत्पादक यहां पीड़ित हैं, तो किसकी मदद की जानी चाहिए? वे, या अमेरिका में किसान?’

सरकार का स्पष्टीकरण:-

प्रियंका गांधी के इन आरोपों पर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क हटाने से सेब, अखरोट और बादाम के घरेलू उत्पादकों को नुकसान नहीं होगा। बल्कि, इसके परिणामस्वरूप इन उत्पादों के प्रीमियम बाजार खंड में उचित प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका ने अमेरिकी सेब और अखरोट पर अतिरिक्त शुल्क हटाने का निर्णय लिया, क्योंकि दोनों देशों ने अपने-अपने उत्पादों पर लगाए गए शुल्क हटा दिए हैं।

गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, ‘उन्होंने (अमेरिका ने) भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क हटा दिए और भारत ने भी सेब और अखरोट सहित अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क वापस ले लिया।’ बता दें कि, भारत से कुछ स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने के अमेरिका के फैसले के जवाब में 2019 में अमेरिकी सेब, अखरोट और बादाम पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। सरकार ने कहा कि अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क लगाए जाने के बाद न्यूजीलैंड, भारत के प्रमुख सेब निर्यातक के रूप में उभरा है।

सरकार ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क हटाने से अब उन देशों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी, जो भारत को इन उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं। भारतीय बाजार को अमेरिका और अन्य देशों से कम गुणवत्ता वाले सेब की आमद से बचाने के लिए, सरकार ने कहा कि उसने भूटान को छोड़कर सभी देशों के सेब के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) लगाया है।