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कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नामों पर लगेगी मुहर…

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नई दिल्ली/भोपाल । मप्र में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस 15 अक्टूबर को अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि उस रफ्तार से हम चल रहे हैं, जिससे 15 तारीख को हम अपनी लिस्ट अनाउंस कर सकें। दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। इस बैठक के बाद कमलनाथ ने कहा कि प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा की है। उधर, कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी तीन चरणों में प्रत्याशियों की घोषणा करेगी।
मप्र में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी प्रत्याशियों की सूची तैयार कर ली है। श्राद्ध पक्ष के बाद कांग्रेस अपनी पहली सूची जारी करेगी। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी आलाकमान ने 3 चरणों में सूची जारी करने की रूपरेखा बनाई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अपनी पहली सूची 15 अक्टूबर को, दूसरी सूची 16 अक्टूबर को और तीसरी सूची 17 अक्टूबर को जारी करेगी। कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची जारी करने के साथ ही पार्टी अपना वचन पत्र भी जारी करेगी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार मीटिंग में मल्लिकार्जुन खडग़े, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, कमलनाथ, रणदीप सुरजेवाला, डॉ. गोविंद्र सिंह, ओमकार सिंह मरकाम मौजूद थे।
भाजपा ने प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 136 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। लेकिन कांग्रेस ने अभी उम्मीदवारों की एक भी सूची जारी नहीं की। हालांकि, कांग्रेस की 140 उम्मीदवारों के नामों की सूची फायनल है, लेकिन कमलनाथ का कहना है कि हम उम्मीदवारों की सूची पितृपक्ष के बाद 15 अक्टूबर को जारी करेंगे। वहीं सूची के साथ ही वचन पत्र भी कांग्रेस पार्टी का जारी होगा। पहली सूची के लिए 80 नाम, दूसरी सूची के लिए 60 नाम और तीसरी सूची के लिए 90 नामों पर मुहर लग चुकी है। कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी 80 उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर चुकी है। कमेटी ये लिस्ट सीईसी को भेज चुकी है। इस लिस्ट में 60-65 मौजूदा विधायक और हारी हुई सीटों के 15 कैंडिडेट के नाम शामिल हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस 16 अक्टूबर को अपनी दूसरी सूची के साथ ही वचन पत्र भी जारी कर देगी। बताया जा रहा है कि वचन पत्र को कई डिविजन में तैयार किया गया है। जिसमें यूवा, हेल्थ, शिक्षा, मंहगाई और रोजगार जैसे कई मुद्दों को फोकस कर तैयार किया गया है।
प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा- काफी सीटों पर सकारात्मक चर्चा हुई। जिस तरह से पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ जी समन्वय बना रहे हैं। ये दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी मप्र में अप्रत्याशित जीत की ओर कदम बढ़ा रही है। हम सबके सामने दो उदाहरण हैं। एक तरफ भाजपा की घबराहट और सिर फुटव्वल का है। दूसरी तरफ आत्मविश्वास का है। वो आत्मविश्वास मप्र की साढ़े आठ करोड़ जनता के आशीर्वाद का है। आज ही सामने आया कि दस करोड़ आदिवासी घोटाला मप्र में हुआ। मप्र में आदिवासियों के बजट का करोड़ों रूपए भाजपाई खा गए। ये ऑडिट रिपोट्र्स बता रहीं हैं। मप्र में भाजपा के नेता और उनके अफसर आदिवासियों का बजट खा रहे थे। कमलनाथ के नेतृत्व में हमने कहा किसानों की ऋणमाफी होगी। पुरानी पेंशन लागू होगी। महिलाओं को 1500 रूपए देंगे। स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के लिए पढ़ो-पढ़ाओ योजना का वचन प्रियंका गांधी ने दिया है। एक तरफ ये कांग्रेस का मॉडल है। हर बच्चा पैसा पाएगा और आगे बढ़ता जाएगा।
सुरजेवाला ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समन्वय बनाकर चल रहे हैं। इससे लगता है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में अप्रत्याशित जीत की तरफ कदम बढ़ा रही है। दो उदाहरण आपके सामने है। एक भाजपा की सिर फुटव्वल और भाजपा की घबराहट व छटपटाहट का है। दूसरा कांग्रेस के आत्मविश्वास का है। यह आत्मविश्वास मध्य प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के आशीर्वाद का है। यह आशीर्वाद प्रदेश की जनता का जन-आक्रोश है, जो भाजपा पर फूट रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार आदिवासियों का बजट खा गई। यह ऑडिट रिपोर्ट कह रही है। हमें यह विश्वास है कि पहले नवरात्रे पर विजय की शुरुआत हो जाएगी।
कांग्रेस की पढ़ो-पढ़ाओ योजना पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। इस पर कमलनाथ ने कहा कि उनके झूठे वादे, 20 हजार झूठी घोषणाएं आज मध्य प्रदेश की जनता समझ गई है। इस वजह से वह बौखला गए हैं। मध्य प्रदेश की जनता झूठे वादे और घोषणाओं से थक गई है। अब कुछ ही दिन बचे है। जनता राहत का इंतजार कर रही है।
कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची में वर्तमान विधायकों के साथ ही 66 हारी सीटों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। इससे पहले केंद्रीय चुनाव समिति की सात अक्टूबर को हुई बैठक में 140 नामों पर चर्चा की गई थी। कई नेता श्राद्ध पक्ष में सूची जारी करने के पक्ष में नहीं थे। इस वजह से पार्टी की सूची जारी नहीं हो सकी है। कमलनाथ भी कह चुके है कि प्रत्याशियों की सूची श्राद्ध पक्ष के बाद आएगी। उन्होंने चुनाव लडऩे वाले नेताओं को पहले ही इशारा कर दिया है।