Home राजनीति देश को एमपी-एमएलए नहीं बल्कि चलाते है अफसर – राहुल

देश को एमपी-एमएलए नहीं बल्कि चलाते है अफसर – राहुल

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जयपुर । राजस्थान विधानसभा चुनाव के बीच आज राहुल गांधी प्रदेश के दौरे पर है जहां चुनावी प्रचार के चलते उन्होंने बूंदी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये भारत माता की धरती हैं और हर आदमी जिसमें इस नारे की आवाज गूंजती हैं वो भारत माता हैं. लेकिन सवाल हैं कि ये भारत माता हैं कौन मैंने सदन में भी भाषण में पूछा था कि कौन हैं भारत माता? भारत माता के बारे में जानने के लिए जातिगत जनगणना करानी होगी।
देश की आबादी में 50 फीसदी आबादी पिछड़ों की और दलित 15 फीसदी और आदिवासियों की 12-14 फीसदी है. यानि भारत माता की आधी से ज्यादा आबादी दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों की है। इस देश को अब जातीय जनगणना करवानी पड़ेगी देश में पिछड़ों की आबादी कम से कम 50 फीसदी है भारत का आधार दलित, आदिवासी और पिछड़े हैं. 90 अफसरों में से महज तीन अफसर ओबीसी वर्ग से हैं आबादी के हिसाब से ओबीसी वर्ग से 45 अफसर होने चाहिए थे दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की हिंदुस्तान में भागीदारी नहीं है मोदी ने पूंजीपतियों का 14 लाख करोड़ का कर्जा माफ किया लेकिन कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में लोगों के इलाज के लिए मुफ्त योजना शुरू की जातीय जनगणना कांग्रेस की सरकार ही करवा सकती है. हमें भारत माता की जय वाला हिंदुस्तान चाहिए। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि देश को कौन चलाता हैं ? और फिर कहा कि देश को एमपी-एमएलए नहीं बल्कि अफसर चलाते हैं. लेकिन देश की ब्यूरोक्रेसी पिछड़ों-दलितों-आदिवासियों की भागीदारी में नहीं हैं. राहुल ने आईएएस अफसरों के आंकड़े गिनाये और दावा किया कि 90 अफसरों में से ओबीसी 3, आदिवासी 1 और 3 दलित है. मोदी ने 14 लाख करोड़ व्यापारी मित्रों का कर्जा माफ किया उसमें कितने दलित-आदिवासी है।