Home अन्य नगर निगम इस वित्तीय वर्ष अपने लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली तो...

नगर निगम इस वित्तीय वर्ष अपने लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली तो कर चुका है, लेकिन अभी भी निगम के खाते में मौजूद 90 हजार संपत्तिधारकों ने टैक्स नहीं पटाया

115
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024

नगर निगम इस वित्तीय वर्ष अपने लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली तो कर चुका है। लेकिन अभी भी निगम के खाते में मौजूद 90 हजार संपत्तिधारकों ने टैक्स नहीं पटाया है। अब ये कर दाता छह से लेकर 17 प्रतिशत तक सरचार्ज देकर टैक्स का भुगतान करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक इन संपत्तिधारकों से रायपुर नगर निगम का राजस्व विभाग सालभर टैक्स की वसूली करेगा। अगर लोग खुद से तत्परता दिखाते हुए टैक्स का भुगतान कर दिए होते तो निगम इस वित्तीय वर्ष 370 करोड़ से अधिक के राजस्व का आकंड़ा पार कर देता। वर्तमान में 70 हजार से अधिक की राजस्व वसूली निगम को अब अप्रैल माह से अगले वित्तीय वर्ष तक करनी है। बड़ी बात तो यह है कि अब जनता को सरचार्ज के साथ टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।

वर्तमान में निगम के 90 हजार संपत्तिधारकों के पास छह प्रतिशत सरचार्ज देकर टैक्स पटाने का मौका है।संपत्तिधारक खुद से जिम्मेदारी दिखाते हुए अगर अप्रैल माह में टैक्स का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें मात्र छह प्रतिशत सरचार्ज देकर संपत्तिकरण का भुगतान करना होगा।

अगर अप्रैल के बाद संपत्तिधारकों द्वारा टैक्स का भुगतान किया जाएगा तो हर महीने एक प्रतिशत सरचार्ज बढ़ेगा। उदाहरण के तौर पर अगर मई में संपत्तिधारक द्वारा सपंत्तिकर पटाया जाता है, तो उसे सात प्रतिशत के साथ टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।

दिसंबर तक यह सरचार्ज 12 प्रतिशत तक बढ़ेगा। वहीं, दिसंबर के बाद संपत्तिधारकों को 17 प्रतिशत सरचार्ज के साथ टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। एक वर्ष बीत जाने के बाद चक्रवृद्धि ब्याज के साथ संपत्तिधारकों को टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।

61 हजार संपत्तियां कर के दायरे से बाहर
निगम क्षेत्र में 61 हजार संपत्तियां हैं, जिनसे निगम को टैक्स नहीं मिलता है। इसमें सरकारी, स्लम बस्ती सहित धार्मिक संपत्तियां मौजूद हैं। मिली जानकारी के अनुसार लगभग 3 लाख 21 हजार संपत्तियाें का खाका निगम के पास मौजूद है। निगम इनमें 2 लाख 60 हजार संपत्तियों से टैक्स की वसूली करता है। लेकिन सालभर की भारी मशक्कत के बाद भी निगम के सभी 10 जोन के राजस्व विभाग मात्र 1 लाख 70 हजार संपत्तिधारकों से ही टैक्स की वसूली कर सका।

नगर निगम रायपुर राजस्व उपायुक्त आरके डोंगरे ने कहा, 1 लाख 70 हजार संपत्तिधारकों ने संपत्तिकर का भुगतान जिम्मेदारी पूर्वक कर दिया है। लेकिन अभी भी बचे हुए संपत्तिधारकों द्वारा संपत्तिकर का भुगतान नहीं किया गया है। इनसे अब सरचार्ज के साथ वसूली की जाएगी।

घर बैठे आनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा
नगर निगम नागरिकों को घर बैठे टैक्स पटाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। नागरिक आनलाइन और आफलाइन दोनो माध्यमों से टैक्स पटा सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी समय से नागरिकों ने टैक्स का भुगतान नहीं किया और समय बीत जाने के बाद भी लगभग 30 प्रतिशत से अधिक लोगों का टैक्स बकाया रह गया है। हालांकि निगम को इस बार लक्ष्य से ज्यादा करों का भुगतान हुआ है। जिसकी वजह नियमितीकरण को भी माना जा रहा है।

निगम ने नियमितिकरण के तहत 1,700 अवैध मकानों, दुकानों और कांप्लेक्स को वैध किया है, जिससे राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। टैक्स अदा करने के लिए च्वाइस सेंटर का भी विकल्प है। नगर निगम का संपत्तिकरण इस वर्ष 200 करोड़ को पार गया गया। जो अब तक का सबसे ज्यादा संपत्तिकर कहा जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक निगम इस वित्तीय वर्ष अन्य करों को जोड़कर 300 करोड़ से अधिक का आंकड़ा पार किया है। इसमें संपत्तिकर, जलकर, यूजर चार्ज, समेकित कर, शिक्षाउपकर शामिल हैं। इसके अलावा निगम की दुकानों से मिलने वाला किराया, विभिन्न तरह के शुल्क सहित अन्य करों से निगम को यह पैसा मिला है।

फैक्‍ट फाइल

– 70 करोड़ की सरचार्ज के साथ वसूली करेगा निगम
– 214 करोड़ रुपये अब तक संपत्तिकर की वसूली

– शहर में हैं तीन लाख 21 हजार कुल संपत्तियां

– 1 लाख 70 हजार संपत्तियों का जमा हुआ टैक्स

– 2 लाख 60 हजार हैं टैक्स वाले संपत्तिधारक