Home राजनीति 7 साल बाद फिर लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए लौट रहे...

7 साल बाद फिर लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए लौट रहे दो लड़के

60
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मैदान में दो लड़कों की जोड़ी सात साल बाद एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है। यूपी में सपा और कांग्रेस की साझा रैलियां जल्द शुरू हो सकती हैं। इनके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रत्याशियों की तरफ से आई मांग के मुताबिक रैलियों, स्थानों और तारीखों का प्रस्ताव कांग्रेस ने सपा को भेजा है। सपा नेतृत्व तारीखों का अपने कार्यक्रम के मुताबिक आकलन करके हरी झंडी देगा। इसके बाद अखिलेश, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सोनिया गांधी आदि की संयुक्त रैलियां एक साथ हो सकती हैं। यूपी चुनाव 2017 के दौरान अखिलेश और राहुल गांधी की जोड़ी ने चुनावी मैदान में काफी सुर्खियां बटोरी थी। हालांकि, चुनावी मैदान में यह गठजोर सफल नहीं हो सका था। इस बार सिरे से गठबंधन को जमीन पर उतारने की कोशिश दोनों नेताओं की ओर से हो सकती है। यूपी में कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस के हिस्से में 17 सीटें आई हैं। हालांकि कांग्रेस की मंशा है कि संयुक्त रूप से दोनों दलों के प्रभावी उम्मीदवारों के लिए रैलियां आयोजित की जाएं। बीते दिनों कांग्रेस ने हर लोकसभा सीट पर घोषित उम्मीदवार से रैलियों के संबंध में बातचीत की थी। जानकारी के मुताबिक सभी 80 सीटों पर कांग्रेस के लोकसभा सीट को-ऑर्डिनेटरों और दोनों दलों के प्रत्याशियों से इस संबंध में बातचीत हुई है। इसके बाद कांग्रेस ने प्रस्तावित खाका तैयार करके सपा को दिया है। इस संबंध में कांग्रेस के यूपी प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम यादव से मुलाकात हो चुकी है। सीनियर नेताओं की मुलाकात में प्रचार की साझा रणनीति पर सैद्धांतिक सहमति भी जाहिर की गई है। अब अखिलेश के पूर्व में तय कार्यक्रम में से इन रैलियों के समय का मिलान किया जाएगा। समय और स्थान पर सहमति बनने के बाद रैली आयोजित होगी। उम्मीद है कि पहले चरण के मतदान से पहले इंडिया की पहली संयुक्त रैली हो सकती है। कांग्रेस गुट के उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा मांग राहुल गांधी की रैलियों के लिए है। इसके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर की मांग ज्यादा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद दीपेंद्र हुड्डा के लिए भी वेस्ट की सीटों से मांग आई है। इन नेताओं के साथ अखिलेश के मंच साझा करने की योजना तैयार हो रही है। माना जा रहा है कि कुछ जगहों पर राहुल-अखिलेश और कुछ स्थानों प्रियंका-अखिलेश की रैलियां हो सकती हैं। खरगे के साथ अखिलेश की संयुक्त रैली की संभावनाओं को भी टटोला जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के लिए संयुक्त रैलियों के अलावा कांग्रेस के भी प्रचार कार्यक्रमों का खाका खींचा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पांडे के लखनऊ रहते हुए कई तरह के प्रचार कार्यक्रमों पर बातचीत हुई है। कुछ सीटों पर बड़े नेताओं का लंबा प्रवास भी हो सकता है। ऐसी सीटों में सहारनपुर,अमरोहा, बाराबंकी, इलाहाबाद, वाराणसी, अमेठी और रायबरेली शामिल हैं।