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बीएसपी रावघाट परियोजना से जुड़े गाँव के नागरिकों के द्वितीय दल ने किया संयंत्र भ्रमण

भिलाई इस्पात संयंत्र न केवल इस्पात निर्माण के क्षेत्र में देश की ताकत बढ़ा रहा है, बल्कि सामाजिक और विकासात्मक प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव ला रहा है। रावघाट परियोजना के तहत अपने सीएसआर गतिविधी के अंतर्गत प्रभावित गांवों को गोद लेकर, बीएसपी ने शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया है। इसी क्रम में रावघाट परियोजना के प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने और बफर विलेज़ेस के वनांचल वासियों को औद्योकीकरण की झलक दिखाने, आज 2 दिसम्बर 2024 को बीएसपी ने प्रभावित क्षेत्रों के 20 नागरिकों के द्वितीय दल को संयंत्र का भ्रमण कराया, जहां उन्हें इस्पात निर्माण की प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी गई। भ्रमण के दौरान रावघाट के मुख्य महाप्रबंधक श्री अरुण कुमार और माइंस के अन्य वरिष्ठ अधिकारीयों ने इन नागरिकों से मुलाकात की और उन्हें संयंत्र भ्रमण के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

इसके पूर्व भी 27 नवम्बर 2024 को बीएसपी ने रावघाट के प्रभावित क्षेत्रों के 20 युवाओं को संयंत्र का भ्रमण कराया। इसके बाद 5 दिसम्बर 2024 को को भी 20 नागरिकों के समूह को भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्रमण के लिए लाया जायेगा। बीएसपी की सीएसआर पहल देश के सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है, जिससे समाज में समावेशी विकास को बढ़ावा मिल सके।

युवाओं ने इस यात्रा के दौरान अपने विचार साझा किए, जिसमें युवाओं ने बताया कि कैसे बीएसपी के आने से उनके जीवन और रहन-सहन में सकारात्मक बदलाव आया है। बीएसपी ने न केवल शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार किया, बल्कि बेरोजगारों को रोजगार देने और छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए भी अवसर प्रदान किए। साथ ही, बच्चों के लिए स्कूलों की व्यवस्था, बस, गणवेश, पुस्तकें और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की।

बीएसपी की सीएसआर पहल एक समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो सरकार के विकास सम्बंधित प्रयासों को मजबूत करने में मदद करती है। यह पहल राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।