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बस्तर की आत्मा है इसकी संस्कृति, आतंक से मुक्त पंचायतों को मिलेगा एक करोड़ का विकास पैकेज – उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

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रायपुर

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा आज बीजापुर में आयोजित “बस्तर पण्डुम” जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने बस्तर की संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की संस्कृति न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि संपूर्ण विश्व में अद्वितीय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य प्रारंभ हो चुका है।

उन्होंने जानकारी दी कि 1 अप्रैल से 3 अप्रैल तक बस्तर संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन दंतेवाड़ा में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रीगण और देश-विदेश से विशिष्ट अतिथि बस्तर की पारंपरिक विधाओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक वैभव को देखने आएंगे।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने माओवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की बात करते हुए कहा कि जो भी पंचायत अपने क्षेत्र को माओवाद से मुक्त घोषित करती है, उसे तत्काल 1 करोड़ रुपये तक के निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही, वहां बिजली, मोबाइल नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बीजापुर के नागरिकों को आह्वान किया कि वे 1-3 अप्रैल के बस्तर पण्डुम महोत्सव में पूरे उत्साह और गौरव के साथ भाग लें, ताकि विश्व बस्तर की संस्कृति का भव्य दर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है जब बीजापुर जैसे सुंदर, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण जिलों को लाल आतंक से मुक्त कर, विकास के पथ पर अग्रसर किया जाए।  सरकार ने संकल्प लिया है कि मार्च 2026 तक देशभर से नक्सलवाद का समापन होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार एक भी गोली नहीं चलाना चाहती। अगर कोई व्यक्ति आतंक का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में आना चाहता है, तो उसका स्वागत है। लेकिन अगर कोई देशद्रोह के रास्ते पर डटा रहेगा, तो उस पर कठोरतम कार्रवाई होगी। देशद्रोह को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।