Home छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष...

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

82
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

रायपुर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और श्री पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने श्री पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्री रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।