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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर हुआ अमल : 11 हजार से अधिक हैंडपंपों की मरम्मत पूर्ण

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रायपुर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और इसकी गहन निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तेजी से कार्य हुए हैं और अब तक 86 मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से 11,238 हैंडपंपों की मरम्मत पूरी की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहाँ भी पेयजल से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहाँ तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली और प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता, भूजल स्तर, जल जीवन मिशन की प्रगति और जल संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगुजा में पीएचई विभाग का मुख्य अभियंता परिक्षेत्रीय कार्यालय खोलने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने “सुशासन तिहार” के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हर घर नल से जल पहुँचाने का बड़ा संकल्प लिया है। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को उन्होंने समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन की आगामी वर्षों की कार्ययोजना की भी समीक्षा की। श्री साय ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट से प्रभावित विकासखंडों के साथ-साथ बिना जल स्रोत वाले ग्रामों की सूची भी तैयार करें, ताकि इसे दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

श्री साय ने भूजल संकट से जूझ रहे 6 जिलों के 10 विकासखंडों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजनाएँ बनाकर जल संकट से निपटना होगा। उन्होंने रिचार्ज पिट और वर्षा जल संचयन जैसी जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही और अनियंत्रित भूजल दोहन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और वन विभागों को आपसी समन्वय के साथ “कैच द रेन” जैसे जल संरक्षण अभियानों को सुशासन तिहार के दौरान व्यापक रूप से प्रचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण को हम सभी सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, संचालक जल जीवन मिशन श्री जितेंद्र शुक्ला सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।