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वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ।

सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।