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अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने सरदार पटेल : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने। आज़ादी के बाद के कठिन हालातों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और फौलादी इरादों से 562 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया। किसानों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अमूल्य रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में यह बात कही। यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक श्री राजेश मूणत उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर उनके महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि “सरदार पटेल ने अपनी विराट सोच और अटूट इच्छाशक्ति से टुकड़ों में बंटी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।” सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती पर आज पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को भी आमंत्रित किया गया है, जहाँ राज्य का विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ केवल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और सामूहिक ऊर्जा का भी संदेश देता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आज़ादी और किसानों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध कठोर संघर्ष किया।” उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए ही उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार किया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित नगरीय निकायों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए रंगोली और चित्रों का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने और भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग की शपथ दिलाई।

राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रन फॉर यूनिटी के साथ ही महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने रंगोली, चित्रकला, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया तथा रन फॉर यूनिटी के प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ के प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाई। यह प्रचार रथ बस्तर संभाग के सभी जिलों में पहुंचकर बस्तर ओलंपिक का प्रचार-प्रसार करेगा।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम आगामी डेढ़ महीनों तक निरंतर जारी रहेंगे।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।