Home रायपुर रायपुर : 4 फरवरी विश्व कैंसर दिवस पर विशेष आलेख

रायपुर : 4 फरवरी विश्व कैंसर दिवस पर विशेष आलेख

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डॉ. प्रदीप चंद्राकर

 प्रोफेसर क्षेत्रीय कैंसर संस्थान

 

वर्ष 2014 में विभाग में कैंसर सर्जरी की सुविधा है, प्रतिवर्ष लगभग 500 से 700 मरीजों की निःशुल्क सर्जरी की जाती है, यहाँ सामान्य सर्जरी के अलावा, मिनिमल इनवेसिव सर्जरी हाईपेक व पाईपेक (HIPAC, PIPAC) भी की जाती है।

बाल्य एवं शिशु कैंसर केयर कठिन है, उन मरीजों अलग रूप से विशेष केयर की जरुरत पड़ती जिसमें उनके मानसिक दशा, डाईट, नार्मल ग्रोथ का भी ध्यान रखना जरुरी होता है। विभाग में बाल्य एवं शिशु कैंसर हेतु वर्ष 2018 में, अलग से ओपीडी एवं वार्ड संचालित हैं, जहां उनका विशेष ध्यान रखा जाता है। अब तक लगभग 1000 मरीज स्वास्थ लाभ ले चुके हैं।

कैंसर देखभाल: जागरूकता से इलाज तक

करीब 10 साल पहले (लगभग 2015) कैंसर को लेकर सार्वजनिक जागरूकता सीमित थी। लोग इस विषय पर खुलकर बात करने से डरते थे और समाज में इससे जुड़ी भ्रांतियां अधिक थी। उस समय कैंसर जांच (स्क्रीनिंग) के बारे में जानकारी कम थी, जिसके कारण जांच कराने वालों की संख्या भी सीमित रहती थी। जानकारी के मुख्य स्रोत डॉक्टर, टीवी और पोस्टर हुआ करते थे। इलाज को लेकर आम धारणा यह थी कि कैंसर का मतलब सिर्फ कीमोथेरेपी या रेडिएशन है। रोकथाम को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था। सही और विस्तृत जानकारी का भी अभाव था।

इसके विपरीत आज की स्थिति में कैंसर को लेकर खुली चर्चा हो रही है। अब जल्दी पहचान और स्क्रीनिंग पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। जानकारी के स्रोतों में बड़ा बदलाव आया है। आज इंटरनेट और सोशल मीडिया प्रमुख माध्यम बन चुके हैं। इलाज के क्षेत्र में भी व्यापक प्रगति हुई है, जहाँ अब इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड थेरेपी जैसे आधुनिक विकल्प उपलब्ध हैं।

रोकथाम को महत्वपूर्ण माना जाने लगा है, विशेष रूप से HPV वैक्सीनेशन और स्वस्थ जीवनशैली पर ज़ोर है। हालांकि जानकारी की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही गलत जानकारी और अफवाहें भी बढ़ी हैं, जो एक नई चुनौती के रूप में सामने आई हैं।