रायपुर जिले में पेयजल समस्या से निपटने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग करवाई जाए और विशेष कार्यशाला आयोजित करें: सांसद श्री अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति “दिशा” की बैठक हुई। सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि रायपुर शहर का तेजी से विकास हो रहा है। भविष्य में पेयजल की समस्या को देखते हुए सभी शासकीय स्कूलों, शासकीय कार्यालयों, थानों एवं आंगनबाड़ियों में वॉटर हार्वेस्टिंग की जाए। देशभर से प्रशिक्षित लोगों को बुलाकर कार्यशाला आयोजित की जाए। पुराने तालाबों को संरक्षित किया जाए और जिन गांवों में तालाब नहीं हैं, वहां नए तालाब बनाए जाएं। बैठक में कुंरा गांव का नाम परिवर्तित कर कुंवरगढ़ करने का प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।

बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों को बीबी जीरामजी अधिनियम की जानकारी दी गई। इस पर चर्चा करते हुए अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने प्रत्येक गांव में 4 से 5 कुएं खुदवाने के निर्देश दिए और कहा कि दक्षिण भारत से कुएं खोदने वाले विशेषज्ञ बुलाएं जो इसमें सहयोग करें। वेटलैंड में आने वाले प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
अग्रवाल ने जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन आंगनबाड़ियों में आवश्यकता है, वहां पेयजल की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि शहर के सभी मुक्तिधामों में पेयजल के लिए हैंडपंप तथा अन्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जो सड़कें खराब हो गई हैं और जिन सड़कों को जोड़ा जाना है, उनका प्रस्ताव बनाकर प्रेषित किया जाए।

सांसद अग्रवाल ने खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जिन हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है, उन्हें कनेक्शन देने की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर की जनसंख्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए शहर के आउटर क्षेत्रों में नई गैस एजेंसियां खोलने के प्रस्ताव ऑयल कंपनियों को भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि भूमि अधिकार पत्र का सभी विधानसभा क्षेत्रों में वितरण किया जाए एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में जिन हितग्राहियों की दूसरी एवं तीसरी किश्त लंबित है, उसकी प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए।
उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां शिक्षकों के पद रिक्त हैं, उनके प्रस्ताव बनाएं ताकि शिक्षकों की भर्ती के लिए शासन को पत्र भेजा जा सके। जहां पुस्तक एवं गणवेश का वितरण नहीं हुआ है, वहां जल्द उपलब्ध कराया जाए। राजधानी के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में स्किल डेवलपमेंट के लिए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं ताकि रायपुर के औद्योगिक विकास को देखते हुए दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके।
उन्होंने डीएफओ को निर्देशित करते हुए कहा कि रायपुर से अभनपुर एवं रायपुर से बिलासपुर नेशनल हाईवे के किनारे मानव शृंखला बनाकर वृहद वृक्षारोपण किया जाए।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, डीसीपी अमित तुकाराम कांबले, रायपुर ग्रामीण एसपी, श्वेता सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






