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32 वर्षों की सेवा से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा दे रहे: प्रो.डॉ.दिलीप कुमार दास

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बिलासपुर। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय से निरंतर सेवाएँ प्रदान कर रहे वरिष्ठ मनोचिकित्सक, मनोचिकित्सक सलाहकार, मनोचिकित्सक प्रशिक्षक, लेखक एवं समाजसेवी ऑनरेरी प्रोफेसर डॉ. दिलीप कुमार दास आज देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। चिकित्सा, शिक्षा, साहित्य और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए उन्होंने यह सिद्ध किया है कि एक चिकित्सक केवल रोगों का उपचार करने वाला नहीं, बल्कि समाज में आशा, विश्वास और सकारात्मक परिवर्तन का वाहक भी होता है।
वर्तमान में डॉ. दास बिलासपुर स्थित अपोलो हॉस्पिटल में वरिष्ठ सलाहकार मनोचिकित्सक (Senior Consultant Psychiatrist), मनोचिकित्सक एवं काउंसलर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वे अपोलो हॉस्पिटल के साथ-साथ अपने निजी क्लिनिक तथा अर्पा मेडिसिटी हॉस्पिटल में भी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल दवा देना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और जीवन के प्रति सकारात्मक बनाना है।

तीन दशकों से अधिक का गौरवशाली चिकित्सकीय सफर
डॉ. दिलीप कुमार दास का मनोचिकित्सा के क्षेत्र में लगभग 32 वर्षों का अनुभव है तथा वे पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने एमबीबीएस की शिक्षा उत्कल विश्वविद्यालय से प्राप्त की तथा मुंबई विश्वविद्यालय से मनोवैज्ञानिक चिकित्सा (Diploma in Psychological Medicine) में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली से काउंसलिंग साइकोलॉजी में पीजी डिप्लोमा किया तथा आईएचबीएएस (Institute of Human Behaviour & Allied Sciences), नई दिल्ली में वरिष्ठ रेजिडेंसी पूरी की।
उन्होंने जर्मनी, बुल्गारिया और दिल्ली में पॉजिटिव साइकोथेरेपी, अहमदाबाद में शॉर्ट-टर्म डायनेमिक साइकोथेरेपी तथा नई दिल्ली में वर्कप्लेस स्ट्रेस मैनेजमेंट का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। यही कारण है कि उनके उपचार में आधुनिक चिकित्सा, व्यवहार चिकित्सा, मनोचिकित्सा, काउंसलिंग और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।

मानसिक स्वास्थ्य को बनाया जन-आंदोलन
डॉ. दास ने केवल अस्पतालों तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का संकल्प लिया। उन्होंने अब तक 300 से अधिक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं उपचार शिविरों का आयोजन किया है। इन शिविरों के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों सहित सीमावर्ती राज्यों के हजारों लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराईं।
उनका मानना है कि मानसिक बीमारी किसी भी अन्य बीमारी की तरह सामान्य है और इसका समय पर उपचार संभव है। इसी सोच के साथ वे लगातार आत्महत्या रोकथाम, नशामुक्ति, किशोर मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक परामर्श, वैवाहिक जीवन, तनाव प्रबंधन तथा अवसाद जैसे विषयों पर जनजागरूकता अभियान चलाते रहे हैं।
चिकित्सा के साथ शिक्षा और शोध में भी अग्रणी
डॉ. दास चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी अत्यंत सक्रिय हैं। वे डीएनबी के विद्यार्थियों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं युवा चिकित्सकों का मार्गदर्शन करते रहे हैं। वे गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के मानव विकास विभाग में शिक्षा बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं।
वर्तमान में वे अपोलो हॉस्पिटल में डीएनबी (इंटरनल मेडिसिन) के मनोचिकित्सा संकाय सदस्य हैं तथा रीनल ट्रांसप्लांट क्लियरेंस बोर्ड के सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वे नियमित रूप से सीएमई, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, चिकित्सा कार्यशालाओं और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में व्याख्यान देते हैं तथा आधुनिक मनोचिकित्सा पद्धतियों और डिजिटल थेरेपी को चिकित्सा सेवाओं में शामिल करने पर कार्य कर रहे हैं।
साहित्य की दुनिया में भी स्थापित किया नया मुकाम
डॉ. दिलीप कुमार दास केवल एक सफल मनोचिकित्सक ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील साहित्यकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित लेखक भी हैं। उनकी अंग्रेजी और हिंदी की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें Inner Path – The Essentials, Counselling – A Dynamic Approach, Examination Stress and Its Management, Talking to Self, Love the Awakened Soul, The Mystic Rose, Antar Path, Antar Alap, Antar Marg तथा Pariksha Ke Tanav Evam Iska Samadhan जैसी पुस्तकें विशेष रूप से चर्चित हैं।

उनकी पुस्तक Love the Awakened Soul को देश-विदेश में व्यापक सराहना मिली है। यह काव्य संग्रह प्रेम, संवेदनाओं और आत्मिक चेतना की गहराइयों को स्पर्श करता है। वहीं Counselling – A Dynamic Approach मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद, आत्महत्या, तनाव, व्यवहार, व्यक्तित्व विकास और काउंसलिंग की आधुनिक अवधारणाओं पर आधारित एक महत्वपूर्ण पुस्तक मानी जाती है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
डॉ. दिलीप कुमार दास को चिकित्सा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड, जर्मनी, बुल्गारिया और भारत के विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर शोधपत्र प्रस्तुत कर सम्मान अर्जित किया है।
उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, छत्तीसगढ़ मानसिक स्वास्थ्य जनजागरण सम्मान, ग्लोबल लिटरेचर आइकन अवॉर्ड, रवीन्द्रनाथ टैगोर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, डिकेन्स मेडल, फॉर्चुना ग्लोबल 100 आइकॉन अवॉर्ड, स्टेज फेम लिटरेरी अवॉर्ड, इंडियन राइटर्स लीग हॉल ऑफ फेम अवॉर्ड, पेन स्मिथ लिटरेचर अवॉर्ड, साहित्य स्पर्श अवॉर्ड, इंडियन लिटरेचर अवॉर्ड, गैपियो अवॉर्ड, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इन हेल्थकेयर, चिकित्सा एवं साहित्य के लिए अनेक राष्ट्रीय सम्मान सहित दर्जनों प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
3 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में उन्हें पद्म विभूषण डॉ. करण सिंह के हाथों लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इन हेल्थकेयर प्रदान किया गया, जबकि 29 जून 2025 को उन्हें केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू द्वारा छत्तीसगढ़ मानसिक स्वास्थ्य जनजागरण सम्मान से सम्मानित किया गया।
समाज के लिए समर्पित जीवन
डॉ. दास का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य केवल दवाइयों से नहीं बल्कि सहानुभूति, संवाद, शिक्षा और विश्वास से बेहतर बनाया जा सकता है। वे गरीब, जरूरतमंद और आदिवासी समाज के बीच जाकर लगातार नि:स्वार्थ सेवाएँ देते रहे हैं। उन्होंने सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड काउंसलिंग की स्थापना कर पारिवारिक परामर्श, वैवाहिक जीवन, किशोर मार्गदर्शन, आत्महत्या रोकथाम और संकट हस्तक्षेप जैसी सेवाओं को व्यवस्थित रूप से समाज तक पहुँचाया है।
वे मीडिया के माध्यम से भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने, लोगों को समय पर उपचार के लिए प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
भविष्य की योजनाएँ
डॉ. दास आने वाले समय में Counselling – A Dynamic Approach का संशोधित संस्करण प्रकाशित करने, काउंसलिंग पर नई पुस्तक लिखने तथा एक नया काव्य संग्रह प्रकाशित करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य चिकित्सा, साहित्य और सामाजिक सेवा के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को जन-जन तक पहुँचाना है।
प्रेरणादायी संदेश
डॉ. दिलीप कुमार दास का मानना है—
“मनोचिकित्सा केवल दवाओं तक सीमित नहीं है। यह संवेदनशीलता, शिक्षा, विश्वास और मानवीय रिश्तों का ऐसा समन्वय है, जो निराशा को आशा में, पीड़ा को मुस्कान में और अंधकार को नई रोशनी में बदल देता है।”
आज डॉ. दिलीप कुमार दास चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनका संपूर्ण जीवन इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, सेवा, करुणा और ज्ञान के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका बहुमूल्य योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।