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छ.ग. में 15 अगस्त 2026 से पंजाब राजस्थान मध्य प्रदेश तर्ज पर स्थायीकरण जल्द लागू हो : दैनिक श्रमिक मोर्चा

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●आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा कर चुकी स्थायीकरण

पंजाब के आउट सोर्सिंग, ठेका, प्लेसमेन्ट वाले 03 व 05 वर्ष से कार्यरत को आम आदमी पार्टी भगवंत मान मुख्यमंत्री द्वारा पक्का स्थायी किया गया है ऐसा राष्ट्र में प्रथम बार हुआ है, मध्यप्रदेश में वर्ष 2016 व 2023 में 10 वर्ष और 05 वर्ष वालो का स्थायीकरण दो बार भारतीय जनता पार्टी के शिवराज सिंह चौहान ने बिना नियुक्ति पत्र श्रम दर श्रमिक और सविंदा कर्मियों का देश मे पहली बार किया था। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी अशोक गहलोत ने 05 वर्ष से कार्यरत बिना नियुक्ति पत्र श्रम दर श्रमिक और सविंदा कर्मियों को स्थायी 2023 में किया था जिसे वर्तमान मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी भजन लाल शर्मा जी ने पुनः 02 वर्ष 05 वर्ष बन्धन को कम कर इसी श्रेणी के कर्मचारियो का 2024 में स्थायीकरण लागू रखा।

छत्तीसगढ़ में 02 लाख पूर्णकालिक अनियमित कर्मी स्थायीकरण के पात्र

छत्तीसगढ़ में कुल 06 अनियमित कर्मियों में 02 लाख अनियमित कर्मी ऐसे है जो पूर्णकालिक है इसमे आउट सोर्सिंग, ठेका, प्लेसमेन्ट के 1.25 लाख, बिना नियुक्ति पत्र श्रम दर वाले 36 हजार, सविंदा 50 हजार इन समस्त का स्थायीकरण इन तीनो राज्यो की भांति सम्भब है, स्थायीकरण में कोई अधिक वित्तीय, सवैधानिक और विधि सम्मत बाधा नही आती है।छत्तीसगढ़ सरकार इन तीनो राज्यो की योजना का परीक्षण कर अपने सुविधानुसार बदलाव तय कर स्थायीकरण लागू (कॉपी पेस्ट) करे यह मांग दैनिक श्रमिक मोर्चा ने रखी है, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्य मंत्री, विधि विधायी मंत्री, वित्त मंत्री,तीनो नेता प्रतिपक्ष लोकसभा, राज्य सभा, छ.ग. विधानसभा, छ.ग.के पूर्व मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन प्रेषित किया।

 

● *04 लाख अनियमित कर्मी को नए श्रम सहिता से वेतन वृद्धि का लाभ*

चार श्रम सहिता जल्द लागू होने से 06 लाख में 04 अनियमित कर्मी जिनका सीधे स्थायीकरण संभव नही है ऐसे समस्त मानदेय, जॉबदर, अंशकालीन प्रकार के अंतर्गत कलेक्टर दर/श्रम दर/ सविंदा/ आउट सोर्सिंग/ ठेका/प्लेसमेन्ट वाले कर्मियों का वेतन वृद्धि 50% से ज्यादा वर्तमान वेतन के अनुपात में संभव है,आंगनबाड़ी कर्मी, शाला रसोईया, शाला सफाई कर्मी, मितानिन को तत्काल लाभ मिलेगा क्योंकि नए श्रम सहिता न्यूनतम वेतन में बड़ा बदलाव किया गया है। इसे जल्द लागू करने की माँग दैनिक श्रमिक मोर्चा ने पूर्व में की है। जानना जरूरी है नए 4 श्रम सहिता लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार स्थाईकरण किसी पूर्णकालिक कर्मी का नही कर पाएगी क्योंकि उन तीनों राज्यो के तीनों राष्ट्रीय दलों के मुख्यमंत्री ने स्थायीकरण/पक्का योजना अपने यहां 1948 के धारा 61 व 63 श्रम कानून के अंतर्गत की है, नए श्रम सहिता अस्तित्व में आते ही यह कानून सदैव के लिए वर्तमान में प्रभाव हीन हो जायेगे।

25 हजार बढ़ी ईपीएफ़ कटौती की सीमा

केंद्र सरकार के वित्त विभाग ने ईपीएफ़ की वर्तमान प्रचलित सीमा 15 हजार को बढा कर 25 हजार को मंजूरी दे दी है, यह आगामी अप्रैल 2027 से प्रभाव शील हो जाएगी। नए श्रम सहिता से चारो श्रेणी उच्च कुशल, कुशल, अर्धकुशल, अकुशल श्रेणी के न्यूनमत वेतन में वृद्धि से देश के श्रमिको को ईपीएफ़ से बाहर होने का जो भय व्याप्त था वह समाप्त हुआ, ईपीएफ़ अंशदान बढ़ने से पेंशन में वृद्धि लाभ मिलेगा।