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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय : राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत पंजीयन हेतु संयुक्त खातेदार कृषकों को अब सिर्फ देना होगा स्व-घोषणा पत्र

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राज्य के लाखों के किसानों को इस छूट से मिली करोड़ों रूपए के व्यय भार से राहत

शपथ पत्र के लिए किसानों को अब नहीं काटना पड़ेगा कचहरी और नोटरी का चक्कर
खरीफ वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को पंजीयन की आश्यकता नहीं
मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को कराना होगा पंजीयन
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रायपुर, 16 जुलाई 2021मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की गाइडलाईन में हुए आंशिक संशोधन से राज्य के लाखों किसानों को राहत मिली है। इस योजना के तहत संयुक्त खातेदार किसानों को पंजीयन के लिए आवेदन पत्र के साथ सहमति सह-शपथ पत्र देने की बाध्यता को समाप्त कर, छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को कचहरी और नोटरी के चक्कर तथा करोड़ो रूपए के अनावश्यक व्यय भार से राहत दे दी है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पंजीयन के लिए संयुक्त खातेदार कृषकों को शपथ पत्र देने का प्रावधान इस योजना की गाइडलाईन में रखा गया था। शपथ पत्र बनवाने में किसानों को आ रही दिक्कत और अनावश्यक राशि खर्च होने का मामला जब मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के संज्ञान में आया तो उन्होंने कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे को योजना की गाइडलाईन में यथा संभव संशोधन कर किसानों को राहत देने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में कृषि विभाग मंत्रालय द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की गाइडलाईन में आंशिक रूप से संशोधन कर किसानों को अब पंजीयन कराने के लिए शपथ पत्र देने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। संयुक्त खातेदार किसानों को अब पंजीयन के लिए सिर्फ स्वघोषणा पत्र देना होगा। संयुक्त खातेदार किसानों का पंजीयन नंबरदार के नाम से होगा। गौरतलब है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की जारी गाईडलाइन में संयुक्त खातेदार कृषकों के पंजीयन के लिए आवेदन पत्र के साथ समस्त खाताधारकों की सहमति सह-शपथ पत्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का प्रावधान रखा गया था, जिसे अब विलोपित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आज जारी संशोधित आदेश के तहत राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने के लिए ऐसे किसानों को जिन्होंने खरीफ वर्ष 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया था, उन किसानों को योजनांतर्गत पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को योजनांतर्गत पंजीयन कराना है। खरीफ वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था, यदि वह उस रकबे में धान के बदले योजना में सम्मिलित अन्य फसल लगाता है, तो उसे योजनांतर्गत पंजीयन कराना होगा। किसान राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभ के लिए पोर्टल ीजजचेरूध्ध्तहादलण्बहण्दपबण्पद पर 30 सितंबर तक पंजीयन करा सकेंगे।