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समाज के कमजोर तबके की मदद करना हम सबकी जिम्मेदारी: कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे

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ग्राम पंचायतों के तालाब गरीबों को मिलें
श्री चौबे ने की कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मछली पालन विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा

रायपुर, 29 सितंबर 2021कृषि, जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा है कि समाज के कमजोर तबके के लोगों की मदद करना शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी है। गोधन न्याय योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके क्रियान्वयन में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाए। ग्राम पंचायतों के तालाब शत् प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलना चाहिए। कृषि मंत्री श्री चौबे ने उक्त बातंे आज बिलासपुर स्थित मंथन सभाकक्ष में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मछली पालन विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए कहीं। कृषि मंत्री श्री चौबे ने बैठक में बिलासपुर संभाग के समस्त जिलों में कृषि, उद्यानिकी, पशुधन, मछली पालन विभाग के कामकाज की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को फसल विविधिकरण के लिए प्रोत्साहित करें। किसानों को खेती-किसानी के मामले में हरसंभव मदद एवं विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ देने का पहल करें। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने अधिकारियों को किसानों से लगातार संपर्क रखने और उन्हें मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करें। गोधन न्याय योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को गौठानों का नियमित रूप से भ्रमण करने, महिला स्व-सहायता समूहों की समस्या का तत्परता से निदान एवं उन्हें आवश्यक मदद पहुंचाने के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट के उत्पादन एवं विक्रय में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में गोधन न्याय योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन ने गौठान समितियों को ऑनलाईन भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौठान से जुड़े अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वह गौठानों में संचालित आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा दे और अधिक से अधिक गौठानों को स्वावलंबी बनाए। कृषि मंत्री श्री चौबे ने बैठक में जिलेवार उद्यानिकी विभाग की नर्सरियों की गतिविधियों की जानकारी ली और उद्यानिकी की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में अरपा के कछार में नर्सरी का कार्य बेहतर किया जा सकता है। पारंपरिक रूप से सब्जी बाड़ी का कार्य करने वाले लोगों को बाड़ी विकास कार्यक्रम से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए। पशुधन विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मोबाईल वेटनरी यूनिट के माध्यम से अधिक से अधिक शिविर लगाए जाएं। गौठानों में चारागाह विकास का कार्य प्राथमिकता से करें। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं के स्वास्थ्य एवं टीकाकरण कर विशेष रूप से ध्यान देने और शत-प्रतिशत की लक्ष्य की पूर्ति के निर्देश दिए। मंत्री श्री चौबे ने मछली पालन विभाग के अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के तालाबों को परम्परागत रूप से मत्स्य पालन करने वाले केंवट, निषाद जाति के लोगों को प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह, कृषि विभाग के संचालक श्री यशवंत कुमार, उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री माथेश्वरन वी., पशुपालन विभाग की संचालक सुश्री चंदन त्रिपाठी, मछली पालन विभाग के संचालक श्री वी. के. शुक्ला, राज्य जलग्रहण क्षेत्र मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रणवीर शर्मा, कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरीस एस सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।