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जीपीएम पुलिस द्वारा किया गया साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन

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Cyber ​​Crime Investigation Topic by GPM Police
cyber crime investigation
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गौरेला पेंड्रा। cyber crime investigation 8 जनवरी 2022 को पुलिस अधीक्षक जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही त्रिलोक बंसल के द्वारा जिले में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को वैज्ञानिक अनुसंधान मैं कुशल एवं दक्ष बनाने हेतु एक अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। जिसके तहत अपराध विवेचना में अधिक से अधिक वैज्ञानिक साक्ष्य का सुचारू रूप से उपयोग करने के उद्देश्य एक कार्यशाला का आयोजन पुलिस नियंत्रण कक्ष गौरेला में किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा द्वारा इस कार्यशाला का रूपरेखा तैयार कर सफल संपादन किया गया , कार्यशाला में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अशोक वाडेगावकर एवं तिर्की के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यशाला में साइबर सेल में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक हेमंत आदित्य सहायक उपनिरीक्षक मनोज हनोतिया एवं सहायक उप निरीक्षक दुर्गेश राठोर के द्वारा साइबर अपराधों की विवेचना कैसे की जानी चाहिए तथा कॉल डिटेल मोबाइल फॉरेंसिक फेसबुक व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया से घटित अपराधों की विवेचना कैसे की जानी चाहिए।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया तथा विवेचना में आने वाली दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया गया कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गौरेला पेंड्रा मरवाही त्रिलोक बंसल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा द्वारा इस प्रकार के कार्यशाला भविष्य में निरंतर जारी रखने एवं जिले के विवेचना अधिकारी को बारी बारी से प्रशिक्षण देकर विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्य का समावेश करना तथा विवेचना संबंधी समस्याओं का समाधान करना कार्यशाला का उद्देश्य होना बताएं प्रथम कार्यशाला में कुल 15 विवेचक ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रशिक्षण में भाग लिया इसी प्रकार विवेचक की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न विषयों पर कार्यशाला का आयोजन भविष्य में भी किया जाता रहेगा।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया तथा विवेचना में आने वाली दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया गया कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गौरेला पेंड्रा मरवाही त्रिलोक बंसल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा द्वारा इस प्रकार के कार्यशाला भविष्य में निरंतर जारी रखने एवं जिले के विवेचना अधिकारी को बारी बारी से प्रशिक्षण देकर विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्य का समावेश करना तथा विवेचना संबंधी समस्याओं का समाधान करना कार्यशाला का उद्देश्य होना बताएं प्रथम कार्यशाला में कुल 15 विवेचक ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रशिक्षण में भाग लिया इसी प्रकार विवेचक की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न विषयों पर कार्यशाला का आयोजन भविष्य में भी किया जाता रहेगा ।