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मोदी कैबिनेट का तोहफा:सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने का किया ऐलान

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम फैसले किए गए। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने अगले सीजन के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने 2023-24 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट ने चीनी सीजन 2023-24 के लिए गन्ना किसानों के लिए 315 रुपये प्रति क्विंटल के अब तक के उच्चतम उचित और लाभकारी मूल्य को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों को फायदा होगा। इसके साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत पांच लाख श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना सत्र अक्टूबर से शुरू होता है। गन्ने का न्यूनतम मूल्य 2014-15 में 210 रुपये प्रति क्विंटल था। पिछले 9 सालों में गन्ने के रेट में 105 रुपए की बढ़ोतरी की है। अब 2023-24 लिए बढ़ाकर 315 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
मंत्रिमंडल ने वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिये नई योजना पीएम-प्रणाम (कृषि प्रबंधन के लिये वैकल्पिक पोषक तत्वों को प्रोत्साहन) को मंजूरी दी। उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। इस योजना का एलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को 2023-24 के बजट के दौरान किया था। योजना के तहत केंद्र राज्यों को प्रोत्साहित करेगा कि वे वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा दें और रासायनिक उर्वरकों को कम करेंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लीजिए कि कोई राज्य 10 लाख टन पारंपरिक उर्वरक का उपयोग कर रहा है और यदि वह अपनी खपत 3 लाख टन कम कर देता है तो सब्सिडी की बचत 3,000 करोड़ रुपये होगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी बचत में से केंद्र वैकल्पिक उर्वरक के उपयोग और अन्य विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए राज्य को 50 प्रतिशत यानी 1,500 करोड़ रुपये देगा। कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने 2022-23 से 2024-25 के बीच तीन साल के लिए 3,68,676.7 करोड़ रुपए की यूरिया सब्सिडी का ऐलान किया है। अब यूरिया पर मौजूदा सब्सिडी की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2025 तक कर दी गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की स्थापना के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल 2023 को संसद में लाया जाएगा। इसके साथ ही साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड एक्ट 2008 को रद्द किया जाएगा। एनआरएफ का संचालन एक गवर्निंग बोर्ड की ओर से किया जाएगा। इसमें 15 से 25 प्रतिष्ठित शोधकर्ता और पेशेवरों को शामिल किया जाएगा। इस गवर्निंग बोर्ड का नेतृत्व प्रधानमंत्री करेंगे।