Home छत्तीसगढ़ कराटे प्रशिक्षण फर्जीवाड़ा में कलेक्टर और डीईओ की हुई शिकायत

कराटे प्रशिक्षण फर्जीवाड़ा में कलेक्टर और डीईओ की हुई शिकायत

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राजनांदगांव। महारानी लक्ष्मी बाई सेल्फ डिफेंस योजना अंतर्गत पूरे जिलेभर में स्कूली छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया गया था। जिसमें व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितता की लगातार शिकायत होने के बाद जब जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा जांच से इंकार करने के पश्चात, मामला जब उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया, उनके निर्देशानुसार राज्य कार्यालय से जांच दल का गठन कर जांच कराया गया, तो शिकायतकर्ता छोटे लाल सेन की शिकायत सही पायी गयी और प्रबंध संचालक राज्य परियोजना कार्यालय, रायपुर के द्वारा कलेक्टर, राजनांदगांव को पत्र लिखकर प्रशिक्षक छोटे लाल सेन को 14 स्कूलों का प्रति स्कूल 5 हजार रूपये के हिसाब से ठेकेदार आदिल खान से रकम वसूल कर एक सप्ताह के भीतर दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, लेकिन एक माह पश्चात भी जब प्रशिक्षक को कलेक्टर ने रकम नहीं दिलवाया, तो पीड़ित शिकायकर्ता ने अब कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में आदिल खान को संरक्षण दिया जा रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ठेकेदार आदिल खान से कमीशन ले लिया गया है, इसलिए कलेक्टर ने रूचि नहीं दिखाया। शिकायतकर्ता ने यह भी मांग किया है कि आदिल खान के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया जाए। बता दें कि केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना महारानी लक्ष्मी बाई सेल्फ डिफेंस में व्यापक रूप से पूरे जिले भर में भारी अनियमितता हुई थी, जिसकी लगातार अनेकों शिकायत दस्तावेजी साक्ष्य के साथ की गयी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने पीड़ित और आदिल खान की आपसी मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया था। मामला पुलिस तक पहंुचा, लेकिन पुलिस ने भी आपसी लेन-देन का मामला बताकर कार्यवाही करने से इंकार कर दिया। जबकि मामला शासकीय राशि के गबन का है, क्योंकि जो राशि प्रशिक्षक के खाते में सीधा हस्तांतरित होना था, वह राशि ठेकेदार आदिल खान के खाते में हस्तांतरित कर शासन को लाखों रूपये की आर्थिक क्षति पहंुचायी गयी है। जिसमें जिले के जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका पर सवालिया निशान लग गया है।