Home छत्तीसगढ़ प्रकृति की गोद से लिखी जाएगी सरगुजा क्षेत्र के विकास की नई...

प्रकृति की गोद से लिखी जाएगी सरगुजा क्षेत्र के विकास की नई इबारत

112
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय खड़सा व्यू प्वाइंट से नौका विहार करते मयाली नेचर कैंप बैठक स्थल तक पहुंचे

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की मयाली में हो रही है बैठक

पारंपरिक वाद्य यंत्रों और बांस की टोपी व जंगली फल पत्तियों की माला से हुआ स्वागत

रायपुर,

प्रकृति की गोद से आज सरगुजा क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जशपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित है। जिसमें शामिल होने खड़सा व्यू प्वाइंट पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं सभी अतिथियों का कर्मा नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढांक एवं नगाड़े की धुनों के बीच परम्परागत बांस की टोपी और डुंबर के फल और आम की पत्तियों की माला पहना कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय खड़सा व्यू प्वाइंट से बैठक में शामिल होने मयाली डैम में बोट से सभी अतिथियों के साथ मयाली नेचर कैंप की खूबसूरती को निहारते हुए बैठक स्थल तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ बैठक में शामिल होने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय, सांसद रायगढ़ श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, श्री राम प्रताप सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, कमिश्नर श्री जी आर चुरेंद्र, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ रवि मित्तल,  एसपी श्री शशिमोहन सिंह भी पहुंचे।

जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल मयाली स्वदेश दर्शन योजना में शामिल, 10 करोड़ से होगा कायाकल्प
नेचर कैंप से एक ओर डैम की खूबसूरती तो दूसरी ओर विशालतम प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ का विहंगम दृश्य और दिखाई पड़ता है। चारों ओर फैली हरियाली इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। मयाली नेचर कैंप को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने मयाली के विकास के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

मयाली नेचर कैंप- प्रकृति का अनुपम उपहार
जशपुर की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में स्थित है प्रकृति का अनुपम उपहार मयाली। यहां मयाली नेचर कैंप जिले के कुनकुरी ब्लॉक में चराईडांड़ बगीचा स्टेट हाईवे के करीब स्थित है। डेम के किनारे, हरियाली से भरे हुए प्राकृतिक स्थल पर परिवार के साथ भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। वीकेंड के दिनों में मयाली में लोगों की भीड़ ज्यादा जुटती है। मयाली नेचर कैंप में बोटिंग की भी सुविधा है।