Home छत्तीसगढ़ नववर्ष पर नंदनवन जंगल सफारी बना आकर्षण का केंद्र

नववर्ष पर नंदनवन जंगल सफारी बना आकर्षण का केंद्र

62
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

लगभग 6 हजार पर्यटकों ने जंगल सफारी में उठाया आनंद

रायपुर,

राजधानी रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी नए वर्ष में लोगों के लिए रोमांच भरा पल लेकर आया। नववर्ष के जश्न में नंदनवन जंगल सफारी ने 5 हजार 762 पर्यटकों का स्वागत कर अपनी लोकप्रियता में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस अवसर पर सफारी और चिड़ियाघर के रोमांचक अनुभवों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जागरूकता और रचनात्मकता का संगम

सफारी में पर्यटकों के लिए नुक्कड़ नाटक, प्रकृति आधारित ड्राइंग कार्यशाला, वन्यजीवों पर आधारित माटीकला कार्यशाला और जैव विविधता पर प्रश्नोत्तरी जैसे रोचक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों ने पर्यटकों को न केवल मनोरंजन प्रदान किया बल्कि उन्हें वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के महत्व को जानने-समझने का भी मौका दिया।

बिलासपुर से आए पर्यटक श्री मुकेश यादव ने अपना सुखद अनुभव को साझा करते हुए बताया कि हमने जंगल सफारी में हिरण, नीलगाय, भालू, बाघ और शेर सहित अन्य वन्य प्राणियों को स्वच्छंद विचरण करते देखा। चिड़ियाघर में विभिन्न वन्य प्राणियों की प्रजातियों का अनुभव अविस्मरणीय रहा। यहां आकर बच्चों ने माटीकला कार्यशाला में अपनी कल्पनाओं को आकार दिया। यह स्थान सपरिवार नववर्ष में समय बिताने के साथ-साथ हम सबके लिए शानदार और यादगार बन गया है।

संचालक, जंगल सफारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि हम पर्यटकों को न केवल आनंददायक अनुभव देना चाहते हैं, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना भी हमारा उद्देश्य है। हम ‘प्रकृति दर्शन‘ और ‘नेचर ट्रेल‘ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में वन्य प्राणियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रयासरत हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य और शिक्षाप्रद अनुभव का संगम

नंदनवन जंगल सफारी ने नववर्ष पर आगंतुक पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव प्रदान किया, जहां मनोरंजन के साथ ज्ञान और जागरूकता का मिश्रण था। यह प्रयास वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति लोगों की सोच को बदलने और जागरुकता लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है।