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गांव और ग्रामीणों के आर्थिक प्रगति का चक्र बन रही गोधन न्याय योजना

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किसी ने खरीदे नये मवेशी तो किसी को घर की जरूरतें पूरा करने में मिली मदद, वर्मी कम्पोस्ट विक्रय से स्वसहायता समूहों को 1.5 लाख रूपये से अधिक की आमदनी
जिले में 2 करोड़ से भी अधिक तक की राशि का भुगतान पशुपालकों व किसानों को

कोरिया 27 नवंबर 2020

कोरिया जिले के खड़गवां जनपद पंचायत के गांव सकरिया के रहने वाले जयंत राम ने गोधन न्याय योजना का लाभ लेते हुए नई भैंस खरीद ली तो वहीं इसी जनपद पंचायत के गांव पेंड्री के किसान सुखराज प्राप्त राशि से दो बकरियां खरीद पाने में सक्षम हुए। विकासखण्ड सोनहत के ग्राम पंचायत केशगवां की रहने वाली इन्द्रकुंवर ने गोधन न्याय योजना के तहत प्राप्त राशि से वेट मशीन खरीदी, जिसे वह काफी समय से खरीदना चाह रही थी। ये जरूरतें अक्सर घर की बड़ी जरूरतों की सूची में नीचे चली जाती थी क्योंकि महीने के घर खर्च हिसाब में इनके लिए रुपये नहीं बचते थे। पर अब गोधन न्याय योजना से हर 15 दिन में राशि मिल जाती है जिससे घर का खर्च भी व्यवस्थित है और ये जरूरतें भी पूरी हो रही हैं।
ऐसी कई असल कहानियां हैं जो गोधन न्याय योजना की धरातल पर सफलता का प्रमाण हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप संचालित इस योजना ने कोरिया जिले में केवल पशुपालकों को ही नहीं, स्वसहायता समूहों को भी आर्थिक प्रगति का रास्ता दिखाया है। इस योजना का चक्र ही आज गांव और ग्रामीणों के आर्थिक विकास का चक्र बन रहा है।
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी योजना अंतर्गत नरवा, गरवा घुरवा और बाड़ी योजना से गांवों की तस्वीर बदलने लगी है। गोधन न्याय योजना का इससे जुड़ने से ग्रामीणों की आय में वृद्धि हुई। गोधन न्याय योजना के तहत अब तक आठ भुगतान किये जा चुके हैं। अंतिम भुगतान 1 नवंबर से 15 नवंबर तक के लिए जिले में 53 लाख रूपये से भी अधिक की राशि का भुगतान किया गया है। कोरिया जिले के 138 सक्रिय गौठानों में अब तक 8528 विक्रेताओं से गोबर खरीदी की गई है और इसके एवज में जिले में 2 करोड़ से भी अधिक तक की राशि का भुगतान पशुपालकों व किसानों को किया गया है।
वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से स्वसहायता समूहों को 1.5 लाख रूपये से अधिक तक का लाभ
गोधन न्याय योजना के तहत स्वसहायता समूहों की महिलाएं वर्मी खाद का निर्माण व विक्रय कर लाभ कमा रही है। कोरिया जिले में दूसरी खेप में अब 09 गौठानों द्वारा 206.5 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाया गया है जिसे उद्यानिकी विभाग को आपूर्ति की जायेगी। जिसके एवज में समूहों को कुल 1 लाख 65 हजार तक की आमदनी प्राप्त होगी। बता दें कि गोधन न्याय योजना क्रियान्वयन के प्रथम चरण में विकासखंड सोनहत के संकुल कटगोड़ी अंतर्गत गौठान ग्राम घुघरा, पोंडी, सलगंवाकला के गौठानों से स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित कुल 11 टन वर्मी खाद वन विभाग को विक्रय किया गया, वर्मी खाद निर्माण के प्रथम भुगतान के रूप में स्व सहायता समूह क्रांति महिला संकुल स्तरीय संगठन की महिलाओं श्रीमती पुष्पा देवी एवं श्रीमती यशोदा साहू को कलेक्टर श्री एसएन राठौर एवं सीईओ जिला पंचायत तूलिका प्रजापति के द्वारा कुल 93 हजार 500 रू. की राशि का चेक प्रदान किया गया।