Home छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान...

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

51
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आज जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना तथा उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ना है।

इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न अभिनव कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके माध्यम से बच्चों में विज्ञान के प्रति उत्सुकता और जिज्ञासा को नए आयाम मिलेंगे तथा शिक्षा का स्वरूप अधिक व्यावहारिक और प्रयोगशील बनेगा।

उल्लेखनीय है कि विज्ञान भारती पूर्व से ही जिले में कई गतिविधियों में सहयोग कर रही है। इनमें “स्पेस ऑन व्हील” कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अनुभव कराना, विज्ञान क्लबों की स्थापना द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थी विज्ञान मंथन जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की ओर प्रेरित करना शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समझौता जिले के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलेगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस नई पीढ़ी ही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञाननिष्ठ समाज की नींव रखेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और विज्ञान को समाज में परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन मानती है और इस दिशा में सभी प्रयासों को प्रोत्साहन देती रहेगी। जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती का यह संयुक्त प्रयास न केवल विद्यालयीन शिक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार की दुनिया में नई उड़ान भी देगा। इस साझेदारी से जशपुर जिले में शिक्षा का स्तर और ऊँचा होगा तथा आने वाली पीढ़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी की रोशनी से अपने भविष्य को और अधिक सशक्त बना सकेगी।