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कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को मिला सहाकारिता का ज्ञान

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कृषि विश्वविद्यालय में सहकारिता पर प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित

रायपुर, 17 दिसम्बर, 2025इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) द्वारा कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सहकारिता व कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर अपने ज्ञान एवं कौशल का प्रदर्शन किया।  कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। विभिन्न प्रतियोगिताओं के पश्चात विजेताओं को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में मोनिका नायक ने प्रथम, अनुष्का चौरसिया ने द्वितीय तथा किशन कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में गरिमा झा प्रथम, रूपाली साहू द्वितीय एवं अनुष्का चौरसिया तृतीय रहीं। निबंध प्रतियोगिता में तेजश्री ने प्रथम, ऋचा विशाल शर्मा ने द्वितीय तथा कुसुम सरकार ने तृतीय स्थान हासिल किया। समारोह में राज्य मुख्य अधिकारी, नैफेड श्री संजय कुमार सिंहने अपने संबोधन में कहा कि नैफेड किसानों के हित में देशभर में अनेक योजनाओं का संचालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि नैफेड के माध्यम से किसानों द्वारा निर्मित स्टोरेज हाउस को किराए पर देकर उनकी आय बढ़ाई जा सकती है, जिससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल ने नैफेड की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्था अब केवल अनाज एवं दलहन की खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि आयात-निर्यात के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) कृषि क्षेत्र संयुक्त रूप से कार्य करेंगे, जिससे पोषण सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और मानव रोगों में कमी आएगी।  विशिष्ट अतिथि श्री रघुवीर सिंह रघुवंशी, निदेशक, नैफेड ने सहकारिता एवं कृषि क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम का आयोजन   कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे के समन्वय से किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. रामा मोहन सावु, डॉ. अन्नू वर्मा, डॉ. ऐश्वर्या टंडन, डॉ. पायल जायसवाल सहित अन्य प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।