छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा भारत सरकार द्वारा पारित 04 श्रम संहिताओं (Labour Codes) को छत्तीसगढ़ राज्य में शीघ्र लागू करने एवं जल संसाधन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
संघ के प्रांतीय संयोजक श्री मनोज सोना ने जानकारी देते हुए बताया कि लंबे समय से विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नियमितीकरण, EPF सुविधा, रिक्त पदों के समायोजन एवं सेवा सुरक्षा जैसी मूलभूत मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। भारत सरकार द्वारा श्रमिक हित में बनाए गए श्रम कानूनों को राज्य स्तर पर अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किए जाने से कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि दिनांक 01 मई 2026 (मजदूर दिवस) को कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में माननीय वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी के रायगढ़ स्थित निवास पर आयोजित घेराव कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे तथा शासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संघ की प्रमुख मांगों में राज्य में 04 लेबर कोड का तत्काल क्रियान्वयन, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण/स्थायीकरण, विभागीय स्तर पर EPF योजना लागू करना तथा आउटसोर्सिंग एवं अनियमित नियुक्तियों पर रोक लगाना शामिल है।
संघ ने शासन से कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की अपेक्षा करते हुए कहा है कि कर्मचारियों के अधिकारों एवं हितों की अनदेखी अब स्वीकार्य नहीं होगी।
संघ ने प्रदेश भर के समस्त कर्मचारियों से अपील की है कि वे मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने अधिकारों की आवाज को मजबूत करें।
जारीकर्ता :
मनोज सोना
प्रांतीय संयोजक
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग कर्मचारी कल्याण संघ






