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अवैध उर्वरक पर जिला प्रशासन की कार्रवाई, दो संस्थानों से भारी मात्रा में अवैध खाद जब्त

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रायपुर 02 जून 2026। किसानों को खेती-किसानी के सीजन में नकली और अवैध खाद-बीज से बचाने के लिए रायपुर जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। जिले के आरंग विकासखंड में अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण और वितरण करने वाले दो संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की गई है, जहां भारी मात्रा में अवैध खाद जब्त की गई है।

कृषि विभाग के उप संचालक सतीश अवस्थी ने बताया कि आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा स्थित मेसर्स महानदी बीज भंडार द्वारा अपने उर्वरक प्राधिकार पत्र में बिना जरूरी स्त्रोत प्रमाण पत्र दर्ज कराए ही खाद का भंडारण और बिक्री की जा रही थी। मामले की शिकायत मिलते ही क्षेत्रीय उर्वरक निरीक्षक ने बीते 26 मई को मौके पर दबिश देकर 35.05 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त कर लिया। इस मामले में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह को रिपोर्ट सौंप दी गई है।

इसी तरह आरंग के ही ग्राम कलई में अवैध रूप से खाद का स्टॉक जमा कर किसानों को बेचने का एक और बड़ा मामला सामने आया। यहां मेसर्स पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड (गुड़गांव, हरियाणा) द्वारा अवैध रूप से खाद बेचने की शिकायत ग्रामीणों से मिली थी। शिकायत पर त्वरित एक्शन लेते हुए उर्वरक निरीक्षक दल, क्षेत्रीय पटवारी और आरंग थाने के सहायक उप निरीक्षक की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए बंद गोदाम का ताला तुड़वाया और भीतर से 46 क्विंटल दानेदार खाद तथा 35 लीटर लिक्विड (तरल) उर्वरक जब्त किया।

प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से अवैध कारोबार करने वालों को सख्त चेतावनी दी है। इसके साथ ही कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि यदि कोई भी खाद विक्रेता निर्धारित एमआरपी से अधिक दाम पर उर्वरक बेचता है या फिर खाद की कालाबाजारी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने क्षेत्र के उर्वरक निरीक्षक या कृषि कार्यालय को दें, ताकि ऐसे तत्वों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।