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कलेक्टर की पहल से कर्नाटक में फंसे बंधुआ मजदूरों की हुई सकुशल वापसी

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सुकमा और पड़ोसी राज्य ओडिसा के मलकानगिरी जिले के 20 श्रमिकों को सफलतापूर्वक लाया गया गृह राज्य

सुकमा 04 फरवरी 2021

 सुकमा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार की पहल से कर्नाटक में फंसे बंधुआ श्रमिकों को कुशलता पूर्वक उनके गृह राज्य वापिस ला लिया गया है। सुकमा जिले के कुछ युवा अधिक आय के लालच में मजदूरी करने कर्नाटक राज्य गए थे। वहाँ अधिक मजदूरी तो दूर की बात है, पूरी पारिश्रमिक भी नहीं मिल रही थी। इसकी शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए टीम गठित कर इन मजदूरों को सफलतापूर्वक वापिस लाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

कर्नाटक राज्य के कोलार जिले में बैरानहली में फंसे 20 श्रमिकों को अपने गृह राज्य आकर राहत मिली है। श्रमिकों ने बताया कि वे कर्नाटक में खेती संबंधी कार्य करने गए हुए थे। मालिक द्वारा पुरुष श्रमिकों को 12 हजार रुपए तथा महिला श्रमिकों को 9 हजार रुपए प्रति महीने की दर से पारिश्रमिक देने की बात कही गई थी। श्रमिकों से 12 घंटे से अधिक काम लिया जाता रहा और बदले में पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया। पिछले 11 महीनों से श्रमिकों से बिना वेतन के काम लिया जा रहा था। इसके अलावा घर जाने की बात पर मालिक द्वारा मारपीट भी की गई।

अपने गृह जिला पहुंचकर मिली राहत, प्रशासन का जताया आभार

सफलतापूर्वक अपने गृह जिला सुकमा पहुंचे मूलागुड़ा निवासी श्रमिक संतोष मंडावी ने बताया कि जनवरी 2020 में अपने साथियों के साथ वे काम करने कर्नाटक राज्य के बैरानहली गए थे। जहां उन्हें अच्छे परिश्रमिक और बेहतर जीवन की उम्मीद थी। मार्च माह से उन्हे अपने घर वापस नहीं आने दिया गया ना ही वेतन दिया गया।

श्रमिक कोसा वेट्टी ने बताया कि मालिक सभी श्रमिकों से 12 घंटे से अधिक काम लेता था और समय पर भोजन भी नहीं देता था। इसके साथ ही मालिक द्वारा तय की गई वेतन भी नहीं दिया गया, रोजमर्रा के खर्च के लिए महीने में सिर्फ 500 रुपए मिलते थे। इस बात की शिकायत उन्होंने फोन के माध्यम से अपने परिवारजनों से की और मदद की गुहार लगाई। अब सकुशल अपने गृह ग्राम आकर उन्हे बेहतर लग रहा है। श्रमिकों ने अपनी सकुशल वापसी के लिए कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रम निरीक्षक श्री सतानंद नाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सुकमा जिले और सीमावर्ती राज्य ओडिशा से कुछ श्रमिक कर्नाटक राज्य के मालूर में मेसर्स रंगनाथ इंटरप्राइजेस में गाजर खेती संबंधी कार्य करने गए थे।  झापरा ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा कलेक्टर जिला सुकमा के समक्ष इस बात की जानकारी प्रस्तुत की गई कि मालिक द्वारा श्रमिकों को घर वापिस नहीं आने दिया जा रहा है। कलेक्टर जिला सुकमा द्वारा इसका संज्ञान लेकर त्वरित निराकरण का प्रयास शुरू किया गया और 5 सदस्यीय टीम गठित कर फंसे हुए श्रमिकों को वापिस लाने की कार्यवाही की गई। कुल 20 श्रमिकों की सफलतापूर्वक वापस लाया गया है जिसमें 10 सुकमा से तथा 10 श्रमिक सीमावर्ती राज्य ओडिशा के मलकानगिरी जिले से है। ओडिशा राज्य के श्रमिकों को उनके गृह ग्राम भेजने की कार्यवाही की जा रही है।