Home छत्तीसगढ़ नरवा विकास से किसानों को मिला द्विफसली का लाभ

नरवा विकास से किसानों को मिला द्विफसली का लाभ

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    रायपुर, 18 फरवरी 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की नरवा विकास योजना भूमिगत जल को रिचार्ज करने और द्विफसल लेने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक में इस योजना के अंतर्गत 9 नालों का चिन्हित कर विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिले में नरवा योजना के अंतर्गत नालों को ट्रीटमेंट के लिए चयनित किया गया है। पाटन ब्लाक में लिये गये 9 नालों के प्रभाव में 40 गाँव आते हैं। इनमें स्थानीय जरूरतों के मुताबिक नरवा के परंपरागत स्ट्रक्चर तैयार किये गए हैं। यह संरक्षण रिज टू वैली सिद्धांत के आधार पर किया जा रहा है। रिज टू वैली पानी की हर बूँद को बचाने वाला सिद्धांत है। रिज अर्थात ऊंचा हिस्सा और वैली अर्थात घाटी। स्वाभाविक रूप से पानी का प्रवाह ऊपर से नीचे की ओर तेजी से होता है इसके चलते नीचे पानी रिसने की संभावना कम हो जाती है। रिज टू वैली ट्रीटमेंट में इसी बात का ध्यान रखा जाता है। छोटे-छोटे स्ट्रक्चर बनाकर पानी की गति धीमी कर दी जाती है इससे पानी रिसने की संभावना बढ़ जाती है और भूमिगत जल का स्तर बढ़ता है। ग्राउंड वाटर रिचार्ज का यह तरीका इसलिए सबसे अधिक कारगर और उपयोगी है कि यह किसी तरह से जगह नहीं घेरता।

   अरसे से नालों में गाद जम जाने की वजह से इनकी जलधारण क्षमता कमजोर होती है। सभी 9 नालों में डिसेल्टिंग अर्थात गाद हटाने का काम व्यापक रूप से किया गया। इसका स्वाभाविक असर नालों के जीर्णोद्धार पर पड़ा है। नालें पुनर्जीवित हुए हैं। इसके साथ ही स्थानीय जरूरतों के मुताबिक ढाँचे तैयार किये गए हैं। पाटन ब्लाक में 30 नग बोल्डर चेक डेम कम डाइक, 26 चेयक डेम, लूज बोल्डर चेक डेम 31 नग, सिल्ट ट्रैप 8 नग एवं एक ट्रैंच का निर्माण इन गांवों में किया गया है। यह कार्य 15 करोड़ 35 लाख रुपए की राशि से किया गया। मनरेगा के माध्यम से हुए इन कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों को मजदूरी मिली। इस तरह से रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिला और जल के परंपरागत स्रोतों का पुनरूद्धार भी हुआ।नालों के ट्रीटमेंट से जमीन में नमी बढ़ गई है। जलस्तर भी ऊँचा हुआ है। इसका अच्छा असर दिख रहा है। नालों के किनारे लगे खेतों में किसान गेंहूँ, चना, सरसों और सब्जी का भरपूर उत्पादन कर रहे हैं। नरवा ट्रीटमेंट के 334 कार्य पाटन ब्लाक में स्वीकृत किये गए हैं। इनमें 241 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सभी कार्यों के पूर्ण हो जाने के पश्चात भूमिगत जल स्तर में और इजाफा होगा।