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श्रुति पाल ने पशुधन विकास एवं मत्स्य पालन विभाग की मदद से खड़ा किया अपना व्यवसाय ; शासकीय योजनाएं बनी हितग्राही का आर्थिक सहारा

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कोरिया 23 मार्च 2021

कोरोना नामक विश्वव्यापी महामारी से उत्पन्न विषम परिस्थितियों में भी कुछ लोगों ने जीवन यापन की नई राहें खोज ली। ऐसी ही एक कहानी कोरिया जिले के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ से लगे हुए ग्राम लालपुर की श्रीमती श्रुति पाल की है। श्रीमती श्रुति पाल एवं उनके पति श्री संजीव पाल दोनों ही प्राइवेट स्कूल में अध्यापन का कार्य कर रहे थे एवं बाकी समय में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे, किन्तु अचानक कोरोना की विश्व व्यापी बीमारी के चलते जहां पूरी दुनिया में संकट की स्थिति बन आई। श्रीमती पाल का परिवार भी इससे अछूता नहीं रहा। स्कूल और ट्यूशन बंद होने से परिवार की जमा पूंजी धीरे धीरे खर्च होने लगी। मुश्किल बड़ी थी पर श्रुति ने परिस्थितियों से हार नहीं मानी। उन्होंने स्वयं का कोई काम शुरू करने की ठानी और उनके इस इरादे को सफल बनाने में पशुधन विकास विभाग ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।
हितग्राही श्रुति ने पशुधन विकास विभाग के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ के खण्ड स्तरीय अधिकारी डाॅ. विनित भारद्वाज से मिलकर विभाग में चल रहे योजनाओं के बारे में जानकारी ली। पशुधन विकास विभाग की विभागीय योजना के तहत हितग्राही श्रुति को 9 हजार रू. डी.बी.टी. के माध्यम से शूकरपालन के व्यवसाय हेतु प्रदाय किये गये। इसके साथ ही अच्छी नस्ल के शूकर खरीदने में भी विभाग ने उनकी मदद की। श्रीमती पाल ने इसके साथ ही बैकयार्ड कुक्कुट योजना के तहत कड़कनाथ मुर्गीपालन का व्यवसाय भी शुरू किया। वे यहीं नहीं रूकी उन्होंने डबरी निर्माण कराकर मछली पालन का काम भी शुरू किया। जिसमें मत्स्य विभाग ने उन्हें मत्स्य बीज उपलब्ध कराया।
जिला प्रशासन के उक्त विभागों के संयुक्त सहयोग से आज श्रीमती पाल की मेहनत रंग लाई है और शूकर विक्रय से उन्हें 20 हजार रू. तक की आय हो चुकी है। इसके साथ ही कड़कनाथ के विक्रय से उन्हें 1 हजार रू. से अधिक तक का शुरूआती लाभ हुआ है। आज उनके पास 20 से अधिक उन्नत नस्ल के सूकर, सूकरी हो चुके हैं। डबरी में मछली उत्पादन भी बेहतर हो रहा है। उनके पास एक देशी गाय भी है जिसमें उन्हें विभागीय कृत्रिम गर्भाधान योजना के तहत साहिवाल नस्ल का सुन्दर बछड़ा भी प्राप्त किया है। हितग्राही श्रीमती पाल जिला प्रशासन सहित समस्त विभागों पशुधन विकास विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि अभी तो शुरूआत है, आगे चलकर और मेहनत कर कृषक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ायेंगी। उन्होंने राज्य शासन को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन्यवाद दिया है।