Home छत्तीसगढ़ भेंट-मुलाकात : मुख्यमंत्री बने बच्चों के प्यारे अभिभावक

भेंट-मुलाकात : मुख्यमंत्री बने बच्चों के प्यारे अभिभावक

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प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की एक अलग ही छवि नजर आ रही है। बच्चों से मिलना-जुलना और उनसे घुल-मिलकर बातें करना न सिर्फ बच्चों को अच्छा लग रहा है बल्कि लोगों को भी यह बात खूब पसंद आ रही है। बच्चे भी मुख्यमंत्री से अपनेपन और लगाव के चलते उनमें एक अभिभावक की छवि देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री का बच्चों से लगाव का एक और वाक्या भी सामने आया जब उन्होंने हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी की बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश के टॉप टेन बच्चों के साथ जिलों में पहले स्थान पर आने वाले बच्चों को हैलीकॉप्टर से सैर कराने का वायदा किया। लगभग 16 विधानसभा क्षेत्रों के दौरे में मुख्यमंत्री ने बच्चों से अनोखे अंदाज में मुलाकात की। कभी रस्सी कूदकर तो कभी निशाना साधकर और कभी गिल्ली-डंडा और भौरा खेलकर बच्चों में रम गए।

भंेट-मुलाकात कार्यक्रम में बच्चों की मासूमियत भरी बातों से न सिर्फ मुख्यमंत्री का दिल जीत रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री भी बच्चों के पूछे गये सवालों का रोचक अंदाज में जवाब भी दे रहे हैं। वे बालहठ के सामने कई बार झुकते भी नजर आए। जब उनसे बच्चों ने हैलीकॉप्टर में घूमने की जिद की। तब बच्चों को मना नहीं कर सकें औैर बच्चों को हैलीकॉप्टर में सैर करायी।

बच्चों ने भी उन्हें तैेयार किए गए स्कैच और पेंटिंग भेंट किया। कोंडागांव जिले के बड़े डोंगर में आयुष जायसवाल ने पेंसिल से मुख्यमंत्री का स्केच बनाया और उन्हें भेंट किया। 12वीं के छात्र आयुष ने मुख्यमंत्री से कहा कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के जरिए हजारों छ़ात्रों का जीवन संवार रहे हैं और आप हम सब बच्चों के सच्चे अभिभावक हैं। जगदलपुर के भैंसगांव में तो स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री और उनकी माताश्री की पेंटिंग भेंट की जिससे मुख्यमंत्री भी भावुक हो गए थे।
मुख्यमंत्री जहां भी गए वहां छात्र अपने प्रिय मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहले से ही मौजूद रहे। फिर चाहे बात स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की हो, प्राइमरी के बच्चों की हो या फिर कालेज में पढ़ने वाले छात्रों की हो, हर कोई उन्हें अपना अभिभावक मानने लगे हैं। बस्तर के बादल एकेडमी के छात्र हों, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के छात्र हों या फिर किसी भी स्कूल के छात्र हों मुख्यमंत्री उनसे मिलते जरूर हैं। मुख्यमंत्री की पारखी नजर ऐसी है कि भीड़ में रोती हुयी बच्ची को भी देख लेते हैं और उसे चुप कराकर उसकी समस्याओं का समाधान और उसकी पढ़ाई की व्यवस्था भी कर देते हैं।
ऐसा नहीं है कि मुख्यमंत्री सिर्फ घोषणाएं करते चले जा रहे हैं, बल्कि घोषणाओं पर फौरीतौर पर अमल भी हो रहा है। भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आमजनों से मिलने निकले हैं, लेकिन जिस तरह से इन कार्यक्रमों में उन्हें बच्चों का प्यार मिल रहा है और जिस तरह बच्चे आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रख रहे हैं, उसे देखकर यही लग रहा है कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की दिशा में हो रही पहल रंग ला रही है।