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पिछले साढ़े चार सालों में 838 स्टार्ट-अप हुए रजिस्टर्ड

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रायपुर :  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू नवीन औद्योगिक नीति (2019-24) में स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने के लिए बनाई गई नीतियों का परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 838 स्टार्ट-अप इकाईयां पंजीकृत हुई हैं। नवीन औद्योगिक नीति में पहली बार इनक्यूबेटर्स की स्थापना एवं संचालन के लिए अनुदान का प्रावधान किया गया है।राज्य सरकार द्वारा लागू नीतियों एवं इनके उचित क्रियान्यवन से राज्य की स्टार्ट-अप इकाईयां देश में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुई है।

जून 2022 में बेंगलुरू में आयोजित ऑल इंडिया काउंसिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन द्वारा आयोजित इंडिया फर्स्ट टेक स्टार्ट-अप कॉनक्लेव में राज्य के स्टार्ट-अप को चार श्रेणियों में बेस्ट स्टार्ट-अप का आवार्ड मिला है।इसी तरह जुलाई 2022 में भारत सरकार द्वारा घोषित स्टेट्स स्टार्ट-अप रैकिंग 2021 में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के विकास के लिए राज्य को एस्पायरिंग लीडर के रूप में सम्मानित किया गया। राज्य में उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप इकाईयों की संख्या वर्तमान में 1012 हैं, जिसमें से 838 स्टार्ट-अप इकाईयां पिछले साढे़ चार वर्षों में पंजीकृत हुई हैं।

स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए इनक्यूबेटर्स की स्थापना हेतु किए गए व्यय का 40 प्रतिशत, अधिकतम 50 लाख रुपये और संचालन करने पर 3 सालों के लिए अधिकतम 3 लाख प्रतिवर्ष का संचालन अनुदान इत्यादि दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रोत्साहन के लिए ब्याज अनुदान में अधिकतम 70 प्रतिशत, 55 लाख रुपये की सीमा तक, अधिकतम 11 सालों के लिए दिया जा रहा है। स्थायी पूंजी निवेश में अनुदान अधिकतम 55 प्रतिशत है, इसकी अधिकतम सीमा 24 लाख रुपए है।