Home छत्तीसगढ़ माता का प्रतिदिन अलग अलग श्रृंगार के साथ मन्दिर परिसर में कन्या...

माता का प्रतिदिन अलग अलग श्रृंगार के साथ मन्दिर परिसर में कन्या भोज

314
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

दुर्ग। प्रदेश के एकमात्र स्थान दुर्ग के गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर परिसर में नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर में विराजमान माता जी एवं क्वांर नवरात्र पर्व में पंडाल में विराजमान माता जी का प्रतिदिन अलग अलग रुप में श्रृंगार किया जाता है। इसके साथ साथ दुर्गा मन्दिर परिसर में प्रतिदिन कन्या भोज कराया जाता है। मन्दिर परिसर नवरात्रि में घटस्थापना के बाद यहां पर रोजाना बेटियों को भोजन करा के देवी भक्त माता को प्रसन्न कर रहे हैं। दुर्गा स्वरूप इन बेटियों को वे उनकी जरूरत का सामान भी उपहार में दे रहे हैं ताकि वह उसका उपयोग भी कर सकें।

दुर्ग का ऐसा दुर्गा पंडाल जहां रोज पूजी जाती हैं बेटियां

समित्ति के ईशान शर्मा ने बताया कि पंडाल में रोजाना दोपहर 12 बजे कन्या पूजन किया जा रहा है। जिसमें सरकारी स्कूलों में पढऩे वाली बेटियों को यहां बुलाया जा रहा है। और मंदिर परिसर में रोजाना दोपहर 12 बजे कन्या पूजन किया जा रहा है। जिसमें सरकारी स्कूलों में पढऩे वाली बेटियों को यहां बुलाया जा रहा है। इन बेटियों का पूजन कर उन्हें भेंट में शिक्षण सामग्री जैसे पेंसिल, रबर, शॉपनर, कॉपी, पेन आदि दिए जा रहे हैं ताकि वे शिक्षा की ओर बढ़ें। समिति के लोगों का मानना है कि बेटियां अगर शिक्षित होंगी तो समाज भी शिक्षित होगा।
प्रतिदिन कन्या भोज में सभी कन्याओं को सुश्री पायल जैन नवकार परिसर द्वारा 8 प्रकार के फल का वितरण भेंट स्वरूप किया जा रहा है।

माता का श्रृंगार है खास

समिति के अर्जित शुक्ला ने बताया कि सत्तीचौरा में विराजित मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा की अपनी अलग पहचान लिए हुए हैं। यहां माता का रोजाना अलग-अलग श्रृंगार किया जा रहा है। ग्राम थनौद के मूर्तिकार मेघु मानिकपुरी की बनाई इस प्रतिमा का प्रतिदिन श्रृंगार विगत कई वर्षों से हेमंत मनिकपुरी करते आ रहे हैं।
सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर में इस वर्ष 401 ज्योतिकलश की स्थापना भी की गई है। साथ ही यहां आकर्षित चलित झांकी मेेंं श्री हनुमान जी द्वारा श्री राम भक्ति एवं महाकाल दर्शन बनाया जा गया है जिसे देखने लोग पहुंच रहे हैं। झांकी के निर्माता मनीष सेन एवं सोनल सेन है।