Home छत्तीसगढ़ बिलासपुर के पास गनियारी का रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क

बिलासपुर के पास गनियारी का रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क

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तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला गनियारी और नेवरा प्रदेश के नक्शे पर छा गया है। नेवरा में मॉडल गौठान और गनियारी के आजीविका अंगना का आपस में बड़ा मेल है। मॉडल गौठान और आजीविका अंगना में होने वाले कामकाज पर नजर डालें तो यह प्रदेश का पहला रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क है। जहां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की झलक दिखाई देगी ।रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क में सोलर और बायोगैस आधारित मिनी प्लांटों की स्थापना की गई है। खास बात ये कि यहां पर पांच हार्सपॉवर के सोलर पावर प्लांट की स्थापना भी की गई है। बिजली की आपूर्ति इसी पावर प्लांट के जरिए की जाएगी। साथ ही बिजली बिल जमा करने का झंझट भी नहीं रहेगा। प्रदेश का पहला ऐसा इंडस्ट्रीयल पार्क है जहां बिजली आधारित मशीनों को चलाने के लिए खुद बिजली पैदा किया जा रहा है।पूरा पार्क सोलर और बायोगैस पर आधारित बिजली से संचालित होगा। मॉडल गौठान में रखे जाने वाले मवेशियों से मिलने वाले गोबर का कुछ मात्रा बायोगैस प्लांट में उपयोग किया जाएगा। शेष गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट के जरिए ग्रामीणों को रासायनिक खाद के बजाय जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। गौठान में गायों को भरपूर मात्रा में चारा देने की योजना भी बनाई गई है। इसके जरिए श्वेतक्रांति पर जोर दिया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन होने पर इसे गांव और आसपास के कस्बों में संचालित होटलों में बेचा जाएगा। आंगनबाड़ी में दूध का उपयोग होगा। इंडस्ट्रीयल पार्क के जरिए कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ने की तैयारी भी की जा रही है। मॉडल गौठान में गांव और आसपास घुमने वाले बेसहारा बैलों को रखा जाएगा। बैलों को भरपेट चारा देकर तंदरुस्त किया जाएगा। फिर इसका उपयोग खेती किसानी में किया जाएगा । छोटी-छोटी बैल गाड़ी का निर्माण होगा। बैल गाड़ी में इन्हीं बैलों के जरिए किसानों के जरूरत के मुताबिक सामानों का परिवहन किया जाएगा। गांवों में बैल व भैंसा गाड़ी का प्रचलन तकरीबन बंद सा हो गया है। किसान ट्रैक्टर व अन्य चारपहिया वाहनों पर पूरी तरह निर्भर हो गए हैं। इसका फायदा वाहन मालिक जमकर उठा रहे हैं। छोटी जरूरतों के सामानों के परिवहन का भी भारी भरकम किराया ले लिया जाता है। छोटी बैल गाड़ी होने से किसान घरों से चार या पांच बोरी खाद या फिर अन्य जरूरतों के सामान को इसके जरिए ला और ले जा सकते हैं। इससे किसानों को किराया कम लगेगा और गांव के युवकों व बेकार घर पर बैठे ग्रामीणों को काम मिलेगा । इंडस्ट्रीयल पार्क में छोटी बैल गाड़ियों का निर्माण भी होगा। इसमें बढ़ाई व कामगारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे । इंडस्ट्रीयल पार्क में लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने फोकस किया जा रहा है। यहां मिनी राइस मिल के अलावा एक हार्सपॉवर मोटर पंप से चलने वाले छोटी हॉलर मशीनें भी लगाई गई है। तेल निकालने से लेकर मशाला कूटने और पैरा कुट्टी मशीन भी हैं। मसलन ग्रामीण व गृहिणी जरूरत के मुताबिक सामान खरीद सकते हैं और कम मात्रा में भी धान हॉलर में लाकर चावल निकलवा भी सकते हैं।