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ट्रायबल विभाग के कर्मचारियों को शिक्षा विभाग से कार्यमुक्त करें : क्रिष्टोफर पॉल

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राजनांदगांव। आदिम जाति कल्याण विभाग के सभी स्कूलों के कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों को 10 मार्च 2015 का सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश बाद स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के संविलियन आदेश दिनांक 10 मार्च 2015 की कंडिका 11 और सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 5 मार्च 2019 की कंडिका 9 में यह स्पष्ट लिखा गया था कि आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों और अन्य स्टॉफ का शिक्षा विभाग में संविलियन होने के बाद भी आदिवासी विकासखंडों से बाहर नहीं आ पाएंगे। इसका मतलब यह कि संविलियन के बाद भी आदिवासी विभाग के शैक्षणिक स्टॉफ शिक्षा विभाग के स्कूलों एवं कार्यालय में अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे, उनका कार्यक्षेत्र पूर्ववत् ही रहेगा और उनका स्थानांतरण भी आदिवासी विकासखंड में ही होगा। इसके बावजूद पूरे प्रदेश में पूर्व की सरकार ने नॉन ट्राईबल क्षेत्रों, विकासखंडों में संचालित स्कूलों जिसमें स्वामी आत्मानंद स्कूल में शामिल है, और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में टी संवर्ग के अनेक व्याख्याताओं, शिक्षकों और अन्य स्टॉफ की पोस्टिंग किया, और संलग्न कर रखा गया है, जो सामान्य प्रशासन विभाग के स्थायी आदेश दिनांक 10 मार्च 2015 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल की मांग पर सामान्य प्रशासन विभाग ने पुनः दिनांक 27 जनवरी 2023 को सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ने रूचि नहीं लिया। अब पुनः छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्कूल शिक्षा विभाग के टी संवर्ग के कर्मचारियों को वापस टाईबल क्षेत्रों, आदिवासी विकासखंडों में भेजने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को निर्देशित की मांग की गई है।