Home छत्तीसगढ़ शर्तों का बंधन अन्याय-धोखा का पर्याय योजना महतारी वंदन : कुसुम दुबे

शर्तों का बंधन अन्याय-धोखा का पर्याय योजना महतारी वंदन : कुसुम दुबे

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राजनांदगांव। छग प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव एवं अधिवक्ता कुसुम दुबे ने राज्य की भाजपा सरकार पर महतारी वंदन योजना में छग की महतारी शक्तियों के साथ छल का आरोप लगाते हुए कही कि योजना हेतु जारी शर्तो से भाजपा की कथनी और करनी में अंतर फिर प्रमाणित हुई है।
प्रदेश सचिव श्रीमती कुसुम दुबे ने बताई कि विधानसभा मतदान के पहले महतारी वंदन योजना में हर विवाहित महिला को लाभ देने के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें कर राज्य की 58 लाख से अधिक महिलाओं से इस योजना के फार्म भरवाने की दावा करने वाली भाजपा को जनता ने जनादेश दिया, लेकिन भाजपा अपने वादे से मुकर गई है और योजनाओं का लाभ कम से कम महिलाओं को मिले इसकी ताना-बाना बुनते हुए साजिश पूर्ण नियम शर्ते लागू कर दिए है। भारतीय कानून में कन्या विवाह की आयु 18 वर्ष निश्चित है तो 18 से 21 वर्ष की आयु की नवविवाहिताओं को अपात्र करना मातृत्व के प्रथम चरण के साथ घोर अन्याय कारक है। विवाह प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता भी महिलाओं को परेशानी देने वाला है, क्योंकि आज भी छग के अधिकांश लोग विवाह प्रमाण पत्र नहीं बनवाते हैं, जब आधार कार्ड और मतदाता सूची में बतौर पति नाम दर्ज हैं, तो ऐसी स्थिति में यह अनिवार्यता भी स्वतः समाप्त होनी चाहिए, कुल मिलाकर भाजपा सरकार राज्य की महिलाओं को पात्र अपात्र की शर्तो के बंधन में बांधते महतारी वंदन योजना लागू करने की साजिशपूर्ण नौटंकी कर महतारियों के साथ क्रूर अन्याय कर दी है। अतः राज्य सरकार आयु बंधन व अव्यवहारिक शर्त हटा कर हर विवाहित महिलाओं को लाभ देकर सही में महतारियो का वंदन करें।