Home छत्तीसगढ़ साइबर क्राइम आज की ज्वलंत समस्या : डॉ. मनोज मीणा

साइबर क्राइम आज की ज्वलंत समस्या : डॉ. मनोज मीणा

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बालोद। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर, महाविद्यालय बालोद के विधि विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वन वीक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मनोज मीणा जयपुर विश्व विद्यालय जयपुर राजस्थान रहे थे। उन्होंने साइबर विधि और साइबर अपराध के मुख्य समसामयिक विषयों पर अपने व्यापक विचार रखें। उन्होंने इस संबंध में कहा कि, साइबर क्राइम के मामले में मामले में भारत विश्व के दूसरे स्थान पर है, अर्थात साइबर अपराध भारत में लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण भारत के सभी नागरिकों का इंटरनेट सेवाओं से जुड़ा होना हैं, और साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी न होना अपराध का मुख्य कारण है। साइबर अपराध को रोकने के लिए भारत में बनाए गए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के बारे में भी विस्तृत जानकारियां प्रदान की एवं डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के विषय में भी प्रतिभागियों को वृहद एवं सारगर्भित जानकारी से अवगत कराया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी संतोषजनक ढंग से उत्तर दिया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. एचएल मानकर विभागाध्यक्ष गणित विभाग एवं आभार प्रदर्शन विभागाध्यक्ष कम्प्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एवं विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राघवेश पांडेय ने इस कार्यक्रम को प्रतिभागियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि, साइबर अपराध को रोकने में साइबर विधि एवं उसका असर जगरूकता के रूप में लोगों तक पहुंचना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन पूजा ठाकुर अतिथि प्राध्यापक द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य प्रो. सीडी मानिकपुरी, कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ. जैनेंद्र कुमार पटेल, सहायक प्राध्यापक विधि एवं कार्यक्रम संचालन समिति के सदस्य पूनम चंद गुप्ता, सुब्रत मंडल अतिथि प्रध्यापक ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इस व्याख्यान का लाभ देश के विभिन्न विश्व विद्यालयों से जुड़े प्रतिभागियों को मिला।