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पूर्व सांसदों को निष्कि्रय सांसद के पक्ष रखने का नैतिक अधिकार नहीं : रूपेश दुबे

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने पूर्व सांसद मधुसूदन यादव एवं अभिषेक सिंह के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दोनों पूर्व सांसदों को उनकी पार्टी ने जिस प्रकार से टिकट से वंचित रखा और उसके बाद वर्तमान निष्कि्रय सांसद को दुबारा टिकट देकर भाजपा क्या संदेश क्षेत्र की जनता को दी है, इस पर उन्हें आत्म चिंतन करना चाहिए।
प्रवक्ता दुबे पूर्व सांसद मधुसूदन यादव के द्वारा चावल के नाम पर गोल-मोल वक्तव्य पर कहा भाजपा प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल भाजपा दे रही थी, उसे कांग्रेस सरकार प्रत्येक परिवार को 35 किलो और उसके बाद प्रति व्यक्ति 7 किलो चावल देने की योजना लागू की थी। चावल और राशन कार्ड भाजपा मात्र चुनावी लाभ लेने के लिए और गरीब जनता के साथ मजाक करती रही है और राजनांदगांव शहर में कुल 32008 परिवार में 22798 परिवार गरीबी रेखा में आते थे, उसके बावजूद 32 हजार से अधिक राशन कार्ड बनाकर गरीबों के हक में डाका डाला गया था। जीपीएस सिस्टम बंद कर नान घोटाला भाजपा के कृत्यों को दर्शाता है। पूर्व सांसद अभिषेक सिंह तो लिखे को भी ठीक से नहीं पढ़ सके, इससे साफ हो गया कि वे केन्द्र सरकार की योजनाओं से अनिभिज्ञ है, उन्हें पहले ये पता करना चाहिए कि उनकी सरकार 4 करोड़ आवास कहा बनाएं, क्योंकि केन्द्र सरकार के खुद के आंकड़ों में 2 करोड़ 95 लाख आवास के लक्ष्य में 2 करोड़ 94 लाख 68 हजार 272 आवास स्वीकृत किए, जिसमे से 2 करोड़ 55 लाख 17 हजार 812 आवास ही पूरे देश में पूर्ण हो पाए है। छग में कांग्रेस सरकार ने भूपेश बघेल के नेतृत्व में 9 लाख 63 हजार 936 आवास जनता को सौंप दिए है, वहीं वर्तमान भाजपा सरकार अपने पहले केबिनेट के निर्णय अनुसार एक भी पीएम आवास हितग्राही को एक रुपया भी केन्द्र सरकार से दिलाने में असक्षम है, जो डबल इंजन की सरकार के दावों की पोल खोल दी है, उसी प्रकार अभिषेक सिंह जनधन खातों की सच्चाई धरातल में पता कर ले कि कितने खाते संचालित है। 25 करोड़ को गरीबी रेखा से ऊपर के दावे करने से पहले 80 करोड़ को निःशुल्क चांवल क्यों देना पड़ रहा है, इस पर थोड़ा चिंतन करें। राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में शौचालय की 12 हजार रूपये हेराफेरी की जांच केंद्रीय एजेंसी क्यों कराने में असक्षम रहे सांसद पांडे जरा उनसे पूछ कर सार्वजनिक करें। 70 साल में देश पर मात्र 55 लाख का कर्ज था, जो 10 वर्षीय मोदी जी के नेतृत्व 215 लाख करोड़ की कर्ज में देश को डुबोने वाली भाजपा झूठ के साथ राजनीति ना करें।