Home छत्तीसगढ़ प्राचार्य, संयोजक डा. केएल टांडेकर के सेवानिवृत्त होने पर फेडरेशन ने दी...

प्राचार्य, संयोजक डा. केएल टांडेकर के सेवानिवृत्त होने पर फेडरेशन ने दी विदाई

124
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन राजनांदगांव के जिला संयोजक डॉ. केएल टांडेकर प्राचार्य शासकीय दिग्विजय स्वशासी महाविद्यालय के पद से 65 वर्ष की अर्धवार्षिकी आयु पूरी होने पर सेवा निवृत्त हुए। श्री टांडेकर का शासकीय सेवा की शुरुआत 1982 से शासकीय महाविद्यालय बेमेतरा में सहायक प्राध्यापक के रूप से हुआ और इसी पद पर उन्होंने शासकीय महाविद्यालय खैरागढ़, शासकीय महाविद्यालय अर्जुंदा, शासकीय महाविद्यालय नवागढ़, शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव में सेवाएं देने के पश्चात शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में 2006 में प्राध्यापक के पद पर उनकी पदोन्नति हुई। स्नातक प्राचार्य के पद पर पहली बार 2009 शासकीय महाविद्यालय मानपुर में पदोन्नति हुई, इसके बाद उन्होंने इसी पद पर शासकीय महाविद्यालय डोंगरगांव में अपनी सेवाएं दी, फिर 2018 में पीजी प्राचार्य के रूप में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायगढ़ में पदोन्नति हुई और इसी पद पर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ में अपनी सेवाएं देने के पश्चात दिसंबर 2021 से 2 वर्ष 4 माह शासकीय दिग्विजय स्वशासी महाविद्यालय राजनांदगांव में उत्कृष्ट सेवा देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति पश्चात होटल रैलीस राजनांदगांव में (जिला पशु चिकित्सालय के बाजू में) उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में प्रांतीय पदाधिकारी शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि श्री टांडेकर के नेतृत्व में राजनांदगांव जिले में कर्मचारियों के हित में उल्लेखनीय कार्य हुए है। समस्त संगठनों के जिला अध्यक्षों के साथ उनका समन्वय बेमिसाल रहा, उनके नेतृत्व में जो भी आंदोलन कर्मचारी, अधिकारियों के हित में किया गया। अन्य जिलों को उनका अनुसरण करना चाहिए। श्री टांडेकर एक प्रखर वक्ता, विद्वान एवं समाजसेवी भी हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय सचिव एवं दुर्ग जिला प्रभारी राजेश चटर्जी ने कहा कि श्री टांडेकर ने राजनांदगांव जिले में कर्मचारियों के हित के लिए जो भी संघर्ष किया है, उसे निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है । जिले के 38 संगठनों को एक सूत्र में बांधकर सभी संगठनों के मुखिया के रूप में सफलतापूर्वक कार्य किया है। पूरे राज्य में उनके अच्छे कार्यों की हमेशा चर्चा रही है। पदीय दायित्वों के साथ-साथ संगठन के दायित्वों में भी समन्वय स्थापित करना श्री टांडेकर से सीखा जा सकता है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के सहसंयोजक रफीक खान ने कहा कि मैं उनके साथ कई वर्षों से संगठन से जुड़ा रहा, उनकी कार्यशाली से मैं बहुत प्रभावित हूं। उन्होंने एक अथक सेवाधारी के रूप में अपनी सेवाएं दी। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के महासचिव सतीश ब्यौहरे ने कहा कि श्री टांडेकर के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिला पूरे प्रदेश में संगठनात्मक रूप से अग्रणी रहा है, उनके कुशल नेतृत्व में हम सभी को बहुत कुछ सीखने को मिला है। पदीय दायित्वों के साथ-साथ संगठन के कार्यों के लिये समय निकालना उनकी अद्भुत कार्य क्षमता को दर्शाता है। महामंत्री पीआर झाड़े ने कहा कि श्री टांडेकर जहां पर भी प्राचार्य के रूप में अपनी सेवाएं दी है, वहां एक कुशल प्रशासक के रूप में कार्य किए हैं, उनके मृदुभाषी व्यवहार एवं नेतृत्व क्षमता के कारण ही राजनांदगांव जिले में फेडरेशन सशक्त एवं मजबूत हुआ है। इनके अलावा राकेश ठाकुर, डीएल चौधरी, योगेश चौरे एवं अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और उनके साथ के अनुभव को साझा किया।
इस अवसर पर प्रांत से पधारे हुए पदाधिकारी में मुख्य रूप से संचालनालय संघ के अध्यक्ष जय कुमार साहू, अपाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष सत्येंद्र देवांगन, चंद्रशेखर चंद्राकर, रामसागर कोसले सम्मिलित हुए एवं राजनांदगांव जिले से जिला संरक्षक एसके ओझा, सहसचिव रफीक खान, उपाध्यक्ष डीएल चौधरी, डॉ. रजनीश अग्रवाल, डॉ. अशोक जैन, संतोष चौहान, सिद्धार्थ चौरे, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र रंगारी, महामंत्रीगण संजय तिवारी, पीआर झाड़े, उत्तम फंदियाल, जीआर देवांगन, जिला संगठन सचिव महेश साहू, केदार शांडिल्य, महेश सेजपाल, दिलीप बारले, योगेश चौरे, मो. रफीक अंसारी, आदर्श वासनिक, मनीष साहू, जिला सह सचिव एनएल देवांगन, रमेश कुमार साहू, विजय यदु, अमरीश प्रजापति, डोंगरगांव ब्लॉक संयोजक विनोद टांडेकर, गणमान्य नागरिकों में कोमल सिंह राजपूत, राकेश ठाकुर, अमलेन्दू हाजरा, डा. एचएस भाटिया, एमके सोनक्षत्रा, बीपी मेश्राम, कांति फूले, आनंद भोंडेकर, डॉ. रेखा मेश्राम के अलावा अन्य संगठनों के पदाधिकारी गण, विभिन्न समाज के प्रमुख गण, समाजसेवी, दिग्विजय महाविद्यालय के स्टाफ, नगर के अन्य गणमान्य नागरिक एवं श्री टांडेकर के पारिवारिक रिश्तेदार भी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजना टांडेकर ने किया।