Home छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर की तर्ज पर 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी...

मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर की तर्ज पर 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी की दी सौगात

67
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

युवाओं को मिलेगा उच्च गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री

‘ज्ञान आधारित समाज’ के प्रतीक के रूप स्थापित करने की योजना,
85 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत

रायपुर, 24 जुलाई 2024

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी निर्माण के प्रस्ताव को वित्त विभाग से हरी झंडी मिल गई है। लाइब्रेरी को “नॉलेज बेस्ड सोसायटी” यानी “ज्ञान आधारित समाज’’ के प्रतीक के रूप में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने संकल्पित है। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लाइब्रेरी की सौगात दी है, जिसका लाभ युवाओं को मिलेगा। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रदेश के युवाओं को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वित्त विभाग ने रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी के लिए 85 करोड़ 42 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। प्रदेश के 4 नगरीय निकायों में 500 सीटर और 9 नगरीय निकायों में 200 सीटर लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह उन विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होगा, जो छोटे शहरों में रहकर उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करना चाहते हैं या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। लाइब्रेरी निर्माण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं के शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास को सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने मुख्य बजट भाषण में भी इसका जिक्र करते हुए कहा था कि युवाओं के अध्ययन के लिए नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इन केंद्रों को ‘‘नॉलेज बेस्ड सोसायटी’’ यानी ज्ञान आधारित समाज के प्रतीक के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि ये युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत और सरकार के लिए एक आदर्श बन सके।