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इस्पात उद्योग, अनुसंधान और तकनीकी संस्थानों के टेक्नोक्रेट आज भारतीय इस्पात सम्मेलन के लिए भिलाई में एकत्रित होंगे

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देश के विभिन्न हिस्सों से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के लौह और इस्पात उत्पादक कंपनी, इस्पात निर्माण से संबंधित अनुसंधान और प्रौद्योगिकी संस्थानों के टेक्नोक्रेट, विशेषज्ञ और प्रतिनिधिगण आज 29 अगस्त 2024 को ‘डीकार्बोनाइजेशन और बुनियादी ढांचे के विकास का महत्व और भूमिका’ विषय पर दो दिवसीय भारतीय इस्पात सम्मेलन के उद्घाटन समारोह लिए इस्पात नगरी भिलाई में एकत्रित हो रहे हैं।

आयरन एंड स्टील रिव्यू मैगजीन-कोलकाता, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स (आईआईएम) व भिलाई चैप्टर और इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भिलाई सेंटर द्वारा सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सहयोग से संयुक्त रूप से भिलाई में आयोजित किए जा रहे “भारतीय इस्पात सम्मेलन” का उद्घाटन आज महात्मा गांधी कला मंदिर में एस्सार मिनमेट प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी और सेल के पूर्व निदेशक (तकनीकी) श्री एस एस मोहंती द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रभारी निदेशक श्री अनिर्बान दासगुप्ता उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इसके अतिरिक्त  भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वर्क्स-बीएसपी) श्री अंजनी कुमार, आईआईएम-रायपुर के निदेशक प्रोफेसर आर के काकानी, सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ एम के वर्मा, एनआईटी-रायपुर के निदेशक डॉ एन वी रमना राव, आईएसआर इन्फोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी श्री संतोष महंती, आईआईएम भिलाई चैप्टर के उपाध्यक्ष और सीजीएम इंचार्ज (आयरन) श्री तापस दासगुप्ता, अध्यक्ष (आईईआई, बीएलसी) श्री पुनीत चौबे भी उपस्थित रहेंगे।

उद्घाटन सत्र के बाद एक प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा, जिसमें प्रतिभागी कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में अपने-अपने स्टॉल भी लगाये जायेंगे। इसके बाद डी-कार्बोनाइजेशन और बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व और भूमिका पर पैनल चर्चा होगी। दूसरे सत्र में इस सम्मेलन का मुख्य प्रतिवेदन निदेशक (आईआईटी,भिलाई) प्रोफेसर राजीव प्रकाश तथा निदेशक (एनआईटी, रायपुर) डॉ एन वी रमना राव द्वारा दिया जायेगा। इसके बाद “इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टील की भूमिका” विषय पर श्री सुशीम बनर्जी द्वारा मुख्य प्रतिवेदन दिया जायेगा।

दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने वाली विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा कैपेक्स-मुक्त पहल डीकार्बोनाइजेशन, डीकार्बोनाइजेशन मार्गों में प्रौद्योगिकी और एआई की भूमिका, रिफ्रेक्ट्रीज और ग्रीन स्टील, फ्लैट और लॉन्ग रोलिंग मिलों के लिए उन्नत रोल शॉप टेक्नोलॉजी आदि सहित स्टील उद्योग से संबंधित प्रौद्योगिकी पर आधारित विषयों पर तकनीकी पेपर प्रस्तुत किए जाएंगे। सत्रों के दौरान भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की जाएगी। तीसरे, चौथे, पांचवें, छठे और सातवें सत्र के क्रमशः संबंधित सत्र अध्यक्षों और प्रतिवेदकों द्वारा सत्रों का सारांश प्रस्तुत किया जाएगा।

भिलाई, राउरकेला, बोकारो, दुर्गापुर, बर्नपुर स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों, सेल के अनुसंधान विंग, आरडीसीआईएस, सेंटर फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईटी), खनन कंपनी एनएमडीसी और देश के अन्य इस्पात उत्पादक कंपनी जैसे टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड, जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड, एसएमएस इंडिया, एमओआईएल, डेनियली इंडिया लिमिटेड, प्राइमेटल्स टेक्नोलॉजीज इंडिया और भारतीय लौह एवं इस्पात क्षेत्र कौशल परिषद, आईआईटी-भिलाई, एनआईटी-रायपुर सहित सेल के विभिन्न संयंत्रों और इकाइयों के टेक्नोक्रेट और प्रतिनिधि सत्रों के दौरान विभिन्न विषयों पर तकनीकी पेपर प्रस्तुत करेंगे।

भिलाई निवास में 30 अगस्त को आयोजित इस सम्मेलन के आठवें और नौवें सत्र में सप्लायर मीट होगी, जिसमें सड़क निर्माण और पेवर ब्लॉक के निर्माण में एलडी स्लैग का अभिनव उपयोग, स्टील उद्योग में डीकार्बोनाइजेशन के लिए जैव ईंधन के उपयोग की संभावना सहित डीप लर्निंग तकनीक का उपयोग करके रोल्ड स्टील के सतही दोषों का स्वचालित पता लगाना आदि विषय पर तकनीकी पेपर प्रस्तुत कर चर्चा भी की जायेगी। साथ ही एमएसीओ प्रस्तुति दी जायेगी और  ग्रीन सस्टेनेबिलिटी पर भी प्रकाश डाला जायेगा।