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पर्यूषण पर्व के समापन पर श्री त्रिवेणी जैन तीर्थ सेक्टर 6 में की गई सामूहिक क्षमा याचना

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भिलाई। पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर सोमवार को श्री त्रिवेणी जैन तीर्थ सेक्टर 6 में सकल श्वेतांबर जैन श्री संघ ने स्थानक भवन में पूजा अर्चना कर आपस में सभी ने संयम और प्रेम सद्भावना के साथ क्षमा याचना की। एक दूसरे से क्षमा याचना  करते हुए भगवान महावीर स्वामी जी के अहिंसा परमो धर्म सिद्धांत और जियो जीने दो के अमृत संदेश जयकारा किया। पर्यूषण  पर्व का समापन पर मंगल आरती के साथ आपस में सभी ने एक दूसरे को जय जिनेंद्र किया।

जानकारी देते हुए प्रदीप जैन बाकलीवाल ने बताया कि आज दिगंबर जैन महासभा के समिति सदस्यों के साथ अध्यक्ष प्रशांत जैन मंत्री सोमेश बाकलीवाल जिनेंद्र जैन वरुण जैन भारत जैन संजीव जैन आदि के द्वारा 10 लक्षण महापर्व में उपवास करने वालों का स्वागत तिलक लगाकर जैन भवन प्रांगण में अभिनंदन किया गया परम पूज्य आचार्य 108 श्री विद्यासागर महाराज जी परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध  सागर महाराज जी की छायाचित्र पर भक्तों ने दीप प्रज्वलन  किया।

 उत्तम 10 लक्षण पर्व के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के तीर्थंकर भगवान के समोसारण स्थल जैन भवन में . 1008 श्री सुमति नाथ भगवान 1008 श्री  पार्श्वनाथ भगवान 1008 श्री  आदिनाथ भगवान के अष्टधातु की प्रतिमा में भक्तों ने मंगल अभिषेक किया। जहां शांति धारा का सौभाग्य ज्ञानचंद गोल्डी बाकलीवाल महावीर प्रकाश अशोक संगीत निगोटिया, निशांत जैन, डॉक्टर अंशुल जैन ,राहुल जैन प्रशांत जैन को सौभाग्य मिला इस अवसर पर आज श्री जिनेंद्र भगवान की मंगल अभिषेक किया। इस अवसर पर सैकड़ों महिलाओं और पुरुष वर्ग ने भक्ति भाव के साथ उत्तम  मारदव धर्म की पूजा कि जहां संध्या 1008 महावीर भगवान के मंगल आरती जैन भवन में भक्तों ने किया।

तत्पश्चात शास्त्री सचिन जैन ने उत्तम मारदव धर्म का अर्थ बताते  हुए कहा कि हम सभी अपने जीवन में  मोह माया और अहंकार क्रोध लालच  का त्याग करते हुए शांति सात्विकता के साथ अपना जीवन यापन करें यही सच्चा  मारदव धर्म कहलाएगा. इस अवसर पर जैन मिलन के अध्यक्ष मुकेश जैन संजय चतुर राजेश जैन आदि के उपस्थिति में जैन मिलन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन बच्चों और बड़ों ने बहुत ही उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लेते हुए अपने उपस्थिति दर्ज की। इस अवसर पर मूलचंद बाफना, गौतम चंद टाटिया, महावीर बेगानी, बाबूलाल सेठिया, शांतिलाल टाटिया, महावीर सुराणा,  निर्मल कोचर, आनंद जैन, भावेश भाई शाह, हुकुमचंद ओसवाल, संतोष बाफना, महावीर टाटिया,  पुखराज जैन, राजेश मारुति, दीपक गोलछा, उत्तमचंद श्रीश्री माल, ज्ञानचंद जैन, पारस टाटिया आदि सैकड़ो बंधुओं ने क्षमा याचना की।