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फसल बेचने के समय किसान सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं ये मोदी और भाजपा के किसान विरोधी होने का जीता जागता प्रमाण-मोहन मरकाम

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फसल बेचने के समय किसान सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं ये मोदी और भाजपा के किसान विरोधी होने का जीता जागता प्रमाण-मोहन मरकाम

देश ही नहीं प्रदेश में भी जहां-जहां भाजपा की सरकारे वहां-वहां के किसान परेशान
भाजपा किसानों, मजदूरों, गरीबों से किए वादों को कभी पूरा नहीं करती है
रायपुर/27 नवंबर 2020। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि देश में ही नहीं प्रदेश में भी जहां-जहां भाजपा की सरकारें है वहां-वहां के किसान हताश और परेशान है। खरीफ सीजन में किसान फसल बेचने के बजाय सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार के काले कानून का विरोध कर रहे है, यह मोदी भाजपा के किसान विरोधी होने का जीता जागता प्रमाण है। छत्तीसगढ़ में 15 साल तक रमन भाजपा की सरकार के दौरान भी किसान हताश और परेशान थे। बीते 7 साल में मोदी सरकार के किसान विरोधी नीतियों के कारण देश भर के किसान हताश और परेशान हैं। चाहे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार हो या मोदी सरकार या रमन सिंह की सरकार भाजपा की किसी भी सरकार ने किसानों से किए वादों को पूरा नहीं किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार 22 महीने में तीसरी बार किसानों से धान की 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी करने जा रही है। और भाजपा लगातार तीसरी बार किसानों को धान की कीमत 2500 रू. देने पर अड़ंगा लगाने के लिए षड्यंत्र कर रही है। पहली बार किसानों के धान खरीदी में नियम शर्ते लगाई गई। अभी धान खरीदी के लिए मांगी गई गठान बोरा में रोक लगाकर मोदी भाजपा ने अपने किसान विरोधी मंसूबे को पूरा करने का प्रयास किया है। लेकिन वे सफल नहीं हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों की धान 2500 रू. कीमत पर बिना रोक-टोक 1 दिसंबर से खरीदेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय से पूछा कि 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह ने किसानों से किए वादों को पूरा नहीं किया। अब मोदी सरकार किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने में असफल हुई है, क्या विष्णुदेव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफा मांगे हैं? क्या विष्णुदेव साय भाजपा के कारण हुई किसानों से वादाखिलाफी का नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए भाजपा छोड़ेंगे ?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार ने किसान विरोधी काले कानून लाकर यह देश भर के किसानों को स्पष्ट कर दिया है कि उनके एजेंडा में किसानों की उन्नति किसानों से किए वादा को पूरा करने की नियत नहीं है, भाजपा के लिए पूंजीपति ही सर्वोपरि हैं जिस प्रकार से देश भर में किसान सड़कों पर उतरकर मोदी भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं इससे स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार के रहते कृषि और किसान सुरक्षित नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों को धान की कीमत 2500 रू. प्रति क्विंटल दे रही है, यह देश भर में एकलौती सरकार है।