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छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण की नई पहल

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अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों को सभी योजनाओं का मिलेगा लाभ

श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध, मिलेगी सुपर स्पेशिलिटी उपचार सुविधा

भिलाई, रायगढ़ और बिलासपुर में 100 बिस्तर अस्पताल बनेंगे

छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों के लिए बनेंगे मोर चिन्हारी भवन

रायपुर, 11 अगस्त 2025

असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी।

श्रम विभाग की अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है।

श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों तिल्दा, उरला (रायपुर), लारा, खरसिया (रायगढ़) में नये औषधालय आरंभ करने की कार्यवाही की जा रही है। बीमित हितग्राहियों को टर्शरी चिकित्सा सुविधाएं कैशलेस आधार पर उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने राज्य के 106 निजी चिकित्सालयों के साथ अनुबंध किया गया है। इन चिकित्सालयों के सुपर स्पेशलिटी चिकित्सकों द्वारा विभिन्न प्रकार के हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि से संबंधित उपचार की व्यवस्था है।

अस्पताल में भर्ती इंडोर पेशेंट के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु रायपुर तथा कोरबा में 100 बिस्तर युक्त एक-एक चिकित्सालय का निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा किया गया है। इन चिकित्सालयों में बीमित हितग्राहियों के उपचार हेतु ओ.पी.डी. सुविधा आरंभ की जा चुकी है। भिलाई तथा रायगढ़ 100 विस्तर युक्त चिकित्सालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त बिलासपुर में 100 बिस्तर चिकित्सालय निर्माण की स्वीकृति कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा दी गई है।

श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के नजदीक ही सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना शुरू की गई है। इन केन्द्रों में श्रमिकों को पांच रूपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले चरण में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद एवं सूरजपुर में 21 केन्द्र प्रारंभ किए गए हैं। वर्ष 2024-25 में योजना अंतर्गत भोजन के लिए 24 नवीन केन्द्र 9 जिलों में प्रारंभ किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 60 प्रवर्ग में पंजीकृत 24.31 लाख निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए वर्ष 2024-25 में 505.07 करोड़ रूपए व्यय किया जाना प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल हेतु 6 करोड़ का प्रावधान-वर्ष 2024-25 में पंजीकृत 2 लाख 12 हजार संगठित श्रमिकों के लिए बजट में राज्य शासन के अनुदान हेतु 6 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

वर्तमान में पंजीकृत संगठित श्रमिक एवं उनके परिवार के सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य कल्याण हेतु मंडल द्वारा संचालित 13 योजनाएं जैसे-दुर्घटना, मृत्यु सहायता योजना, शैक्षणिक छात्रवृत्ति, कौशल उन्नयन, निःशुल्क सायकल वितरण योजना, निःशुल्क सिलाई मशीन योजना एवं शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना इत्यादि के लिए वर्ष 2024-25 में मंडल की संचित निधि से लगभग राशि 18.30 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।