Home छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रम विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन

मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रम विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन

34
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के इंडोर स्टेडियम में श्रम विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती और विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग द्वारा 12 से 19 सितम्बर तक प्रदेश के सभी जिलों में 55 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क दवा वितरण, श्रमिक पंजीयन और नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निर्माण श्रमिकों के कौशल उन्नयन के लिए महासमुंद, बिलासपुर और राजनांदगांव जिलों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। अन्य जिलों में भी श्रमिकों को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासम्मेलन स्थल पर श्रमिकों के लिए सुरक्षा संबंधी सामग्री और विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। वहीं श्रम कल्याण मंडल द्वारा श्रमिकों को निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया।

श्रमिक महासम्मेलन में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत श्रमिकों को करोड़ों रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के तहत 1.77 लाख से अधिक श्रमिकों को 58.32 करोड़ रुपये, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के तहत 3,839 श्रमिकों को 4.77 करोड़ रुपये तथा श्रम कल्याण मंडल के तहत 3,332 श्रमिकों को 2.06 करोड़ रुपये की सहायता राशि हितग्राहियों के खातों में सीधे अंतरित की गई। इसमें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, सिलाई मशीन सहायता योजना और सायकल सहायता योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत राशि सीधे श्रमिकों के खातों में जमा की गई।