Home छत्तीसगढ़ राजभाषा पखवाड़ा-2025 का उद्घाटन समारोह संपन्न

राजभाषा पखवाड़ा-2025 का उद्घाटन समारोह संपन्न

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सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के राजभाषा विभाग द्वारा 18 सितंबर 2025 को कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ) सभागार में आयोजित राजभाषा पखवाड़ा-2025 का उद्घाटन मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ) श्री सुब्रत मुखोपाध्याय द्वारा कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार तथा मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशकगण, मुख्य महाप्रबंधकगण, हिंदी समन्वय अधिकारीगण व बड़ी संख्या में संयंत्र कर्मी हिंदी प्रेमी कार्मिकगण उपस्थित थे।

इसके पश्चात विभाग प्रमुख व महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने पुस्तक भेंटकर अतिथिगण का स्वागत किया।

मुख्य अतिथि श्री सुब्रत मुखोपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी का शब्द भण्डार प्रचुर है, हिंदी की वर्णमाला सर्वाधिक समृद्ध है और हिंदी साहित्य विश्व के उत्कृष्टतम साहित्य के रूप में जाना जाता है। भारतीय होने के नाते हम सबको इस पर गर्व होता है। इन सभी विशेषताओं के कारण हमारा यह दायित्व है कि हिंदी में कामकाज जारी रखें। हिंदी भाषी तो हिंदी में काम करें ही, अहिंदी भाषी भी हिंदी में काम करें, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि, हिंदी जनसामान्य की भाषा है और देश की एकता, अखंडता और विकास में सहायक है। हिंदी हमारे संयंत्र के समग्र निष्पादन में भी सहायक है।

विशिष्ट अतिथि श्री पवन कुमार ने हिंदी तथा समाज की वर्तमान स्थिति पर रचित अत्यंत ही प्रभावी एवं मर्मस्पर्शी कविताओं की प्रस्तुति के द्वारा उपस्थितजनों से हिंदी को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा आज समावेशी हो चुकी है। हमें अन्य भाषाओँ के सामान्य एवं प्रचलित शब्दों के प्रयोग से कोई परहेज नहीं करना चाहिए, तभी हिंदी का प्रचार-प्रसार बेहतर ढंग से होगा। हम अपने इसी प्रकार के सार्थक प्रयासों से अपनी भाषा हिंदी को और भी अधिक गौरवशाली बना सकते हैं।

महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) श्री राजीव कुमार ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए कहा कि राजभाषा विभाग ने सदैव ही हिंदी के प्रगामी प्रयोग को प्रोत्साहन की दिशा में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के दिशा निर्देशों के अनुरूप परिणामदायक प्रयास किए हैं। हमारा यह वार्षिक आयोजन ‘राजभाषा पखवाड़ा’ इसी क्रम में है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समस्त विभाग प्रमुखगण के योगदान से हमारा राजभाषा पखवाड़ा अवश्य ही सफल होगा।

इस अवसर पर एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें आमंत्रित कवि थे श्री ओमवीर करन, इंजीनियरिंग एसोसिएट, कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग, डॉ. शीतल चन्द्र शर्मा, शिक्षक, शिक्षा विभाग एवं सुश्री शिवानी जत्रेले, महाप्रबंधक (सी एण्ड आई.टी.)। आमंत्रित कवियों ने राष्ट्रप्रेम, हिंदी साहित्य और हिंदी के गौरव पर केन्द्रित अपनी स्वरचित कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया तथा खूब तालियाँ बटोरीं।

कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन – राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने किया। पखवाड़े का विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि दिनांक 19-09-25 को ‘ऑनलाइन क्विज़’, 20-09-25 को ‘तात्कालिक निबंध लेखन’, 22-09-25 को ‘तात्कालिक काव्य लेखन’, 23-09-25 को ‘तात्कालिक चित्र देखें-कहानी लिखें’ तथा दिनांक 24-09-25 को ‘तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं के विषय में इच्छुक प्रतिभागीगण अपने विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी विस्तृत विवरण प्राप्त कर सकते हैं अथवा इस संबंध में राजभाषा विभाग से भी सीधे संपर्क किया जा सकता है।

कार्यक्रम में राजहरा खदान समूह के हिंदी समन्वय अधिकारी व सहायक महाप्रबंधक श्री विनीत कुमार सिन्हा ने बताया कि खनि नगरियों राजहरा, नंदिनी, हिर्री तथा कुटेश्वर में हिंदी पखवाड़ा की प्रतियोगिताओं का ई-मेल, मोबाइल मेसेज तथा व्हाट्सअप आदि सभी प्रचलित माध्यमों से प्रचार किया जा रहा है। आशा है कि, खनि नगरियों से न केवल समस्त प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर प्रतिभागिता होगी बल्कि, आने वाले समय में हिंदी में कार्यालयीन कामकाज में भी बढ़ोतरी होगी।